फर्जीवाड़ा कर इस्तीफा देकर गायब हो गए लैब टेक्नीशियन
बुलंदशहर। कोरोना जांच के दौरान एंटीजन किट फर्जीवाड़े में अब एक नया मोड़ सामने आया है। कुछ माह एंटीजन से जांच करने के बाद 10 से अधिक लैब टेक्नीशियन इस्तीफा देकर चले गए। जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि फर्जीवाड़ा कर स्वयं को मामले से हटाने के लिए इस्तीफा दिया हो। हालांकि, डीएम द्वारा गठित टीम की जांच अभी जारी है और रिपोर्ट देने के बाद खुलासा हो सकेगा।
गुमनाम पत्र द्वारा एंटीजन किट को बाजार में बेचे जाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लंबी जांच की गई, लेकिन फर्जीवाड़े की तह तक नहीं पहुंच सकी। मामला मीडिया में लगातार सुर्खियों में बने रहने पर डीएम रविंद्र कुमार द्वारा 30 नवंबर को तीन सदस्यीय टीम गठित कर एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट मांगी थी। डीएम द्वारा गठित जांच समिति की जांच में अब तक कई बातें सामने आई हैं। मई से अक्तूबर के बीच जुलाई माह तक बहुत तेजी से जांच की गई। साथ ही कुछ एंट्री फर्जी कर एंटीजन किट को बाजार में बेचे जाने की बात कही जा रही है। एक अधिकारी ने बताया कि एंटीजन किट की हेराफेरी पर शुरुआत में अफसरों ने ध्यान नहीं दिया, जिसका कार्य में जुटे स्वास्थ्य कर्मियों ने खूब लाभ उठाया। शुरुआत में संविदा के कुछ लैब टेक्नीशियन जांच अभियान में लगाए गए थे और शुरुआत के दौरान जांच की सुविधा केवल सरकारी अस्पतालों में थी और लोग दहशत में भी ज्यादा थे। जांच के लिए मारामारी होने पर तीन माह की जांच में घोटाला करने के बाद लैब टेक्नीशियन ने मोटा खेल किया। इसके बाद गायब हो गए। जिसमें दस से अधिक लैब टेक्नीशियन ने अपने पद से इस्तीफा दिया था। वहीं, विभाग में चर्चा है कि मास्टर माइंड फार्मासिस्ट ने ही संविदा के लैब टेक्नीशियन से घोटाला कराने के बाद इस्तीफा देने का खेल कराया है। एसीएमओ/नोडल अधिकारी डॉ. नरेश गोयल ने बताया कि जांच के लिए लैब टेक्नीशियन संविदा पर रखे गए थे। शुरुआत में कर्मचारियों में संक्रमण को लेकर दहशत के साथ-साथ वेतन समय से न मिलने की भी समस्या थी। हो सकता है इसी के चलते इस्तीफा देकर गए हों।