रोजगार देने के नाम पर की अवैध वसूली, सात कंपनी ब्लैक लिस्ट
बुलंदशहर। रोजगार मेले में चयन के बाद युवाओं से नौकरी देने के नाम पर अवैध वसूली करने का मामला सामने आया है। मामले की शिकायत के बाद हुई जांच में सात कंपनियों के नाम प्रकाश में आए हैं। अब शासन के निर्देश पर सेवायोजन विभाग ने इन सभी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया दिया है। अब इन कंपनियों को रोजगार मेले में शामिल नहीं किया जाएगा।
बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने के लिए सेवायोजन विभाग निजी कंपनियों के सहयोग से रोजगार मेले लगाता है। इन मेलों में शामिल होने वाली कंपनियां भागीदारी करने वाले युवा अभ्यर्थियों का इंटरव्यू आदि लेने के बाद चयनित करती हैं। अब खुलासा हुआ है कि मेलों में अभ्यर्थियों का चयन करने वाली निजी कंपनियां नौकरी के नाम पर अवैध वसूली कर रही थीं। यह शिकायत युवाओं ने शासन स्तर पर की थी। ऐसी शिकायत प्रदेश भर के अलावा जनपद के युवाओं द्वारा भी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सात कंपनियों ने हजारों अभ्यर्थियों से नौकरी देने के नाम पर वसूली की और उनसे मोटी रकम ऐंठ ली। विभाग के अनुसार अभ्यर्थियों से कंपनियों ने प्रॉसपेक्ट्स, ट्रेनिंग और होटल में ठहरने के नाम पर मोटी रकम वसूल की थी। इसके बाद कंपनियों ने अभ्यर्थियों को न तो नौकरी दी और ना ही उनकी रकम लौटाई। कंपनियों के इस फर्जीवाड़े की शिकायतें जब सेवायोजन विभाग के माध्यम से पहुंचीं तो शासन ने सात कंपनियों को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इसके अलावा इन कंपनियों को रोजगार मेले में शामिल नहीं करने के भी आदेश सेवायोजन विभाग एवं प्रशासनिक अफसरों को दिए हैं।
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इन कंपनियों को किया गया ब्लैकलिस्ट
शासन की ओर से रोजगार देने के नाम पर युवाओं से अवैध वसूली करने वाली जिन कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। उनमें भारत हैवी इलेक्ट्रिकल, एक्यूप्रेशर हेल्थ केयर सिस्टम, एक्यूप्रेशर हेल्थ केयर पटना, कोसमो इंटरप्राइजेज, टेक्निका फर्टिलाइजर्स, सोनम एक्यूवा हेल्थ केयर और न्यू यूनी-केयर हेल्थ सॉल्यूशन कंपनी शामिल हैं।
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जिला स्तर पर रहता है कोऑर्डिनेटर
बेरोजगार युवकों को नौकरी दिलाने के नाम पर जालसाजों का जिला स्तर पर कोऑर्डिनेटर रहता है। बताया गया कि इसमें सबसे ज्यादा नोएडा में कोऑर्डिनेटर रहते हैं और इनके द्वारा मेलों के माध्यम से यह खेल किया जाता है। हालांकि विभागीय स्तर पर बड़ी सक्रियता से अभ्यर्थियों का चयन कराते हैं। जॉब देने के बाद कंपनियों द्वारा अभ्यर्थियों का उत्पीड़न शुरू कर दिया जाता है।
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रोजगार मेलों में चयनित अभ्यर्थियों को नौकरी देने के मामले में सात कंपनियों द्वारा वसूली की गई थी। उक्त कंपनियों को शासन स्तर से ब्लैक लिस्ट कर दिया है। शासन के आदेश आ गए हैं। अब ये कंपनियां रोजगार मेलों में भागीदारी नहीं कर सकेंगी। इन कंपनियों के नाम की सूची भी शासन से मिल गई है।
शशि भूषण उपाध्याय, जिला रोजगार सहायता अधिकारी
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ऑनलाइन नौ रोजगार मेलों में 890 को मिला रोजगार
- लॉकडाउन से लेकर अब तक हुए मेलों में शामिल हुए थे 16,945 युवा और प्रवासी श्रमिक
- जिला सेवायोजन कार्यालय 14 दिसंबर को ऑनलाइन रोजगार मेले का करेगा आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। जनपद में जिला सेवायोजन कार्यालय में लॉकडाउन से लेकर अब तक नौ रोजगार मेले लग चुके हैं। अफसरों का दावा है कि इन मेलों में 890 युवाओं और प्रवासी श्रमिकों को रोजगार दिलवाया गया है। वहीं, अब कार्यालय 14 दिसंबर को भी ऑनलाइन रोजगार मेले का आयोजन करने जा रहा है।
जिला रोजगार सहायता अधिकारी शशि भूषण उपाध्याय ने बताया कि जनपद के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार देने के लिए लगातार रोजगार मेले लगाए जा रहे हैं। जनपद में लॉकडाउन से लेकर अब तक नौ रोजगार मेलों का आयोजन किया जा चुका है। कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए यह मेले ऑनलाइन आयोजित किए गए हैं। इनमें 16,945 युवाओं और प्रवासी श्रमिकों ने भागीदारी की। इनमें अनेक निजी कंपनियों ने भागीदारी करने वाले युवाओं का साक्षात्कार लेकर अब तक 619 युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाया जा चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि विभाग की ओर से अब तक 271 प्रवासी श्रमिकों को भी रोजगार उपलब्ध करवाया गया है। उन्होंने बताया कि अब विभाग की ओर से 14 दिसंबर को ऑनलाइन रोजगार मेले का आयोजन होगा। इसमें भागीदारी के लिए जनपद के युवा विभागीय वेबसाइट पर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। बिना पंजीकरण के रोजगार मेले में भागीदारी का मौका नहीं मिलेगा।