चीनी मिल में पहले तौल कराने को लेकर मारामारी
जहांगीराबाद। स्थानीय सहकारी चीनी मिल में इन दिनों पहले तौल कराने को लेकर मारामारी मची हुई है, मिल प्रशासन या पुलिस प्रशासन ने यदि जल्द ही इसे गंभीरता से नही लिया तो यह जल्दबाजी किसानों में हिंसा का कारण बन सकती है। कई किसानों ने पुलिस के आला अधिकारियों से पेराई के सीजन में पुलिस तैनात कराने की मांग की है। उधर, किसान भी 30-30 घंटे बाद ट्रैक्टर टॉली या बुग्गियां तौलाकर घर वापस आ रहे हैं।
सहकारी चीनी मिल जहांगीराबाद में पिछले कई दिनों से गन्ने से लदे वाहनों की लंबी कतार से जाम की स्थिति बनी है। इन दिनों एक किमी से ज्यादा तक गन्ने से लदे वाहनों की लंबी लाइन लगी हुई है। इससे मिल के समीप गांव जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन गांवों को जाने वाले लोग दूसरे रास्ते को अपना रहे हैं।
मिल में पहले गन्ना तौल को लेकर मारामारी मची हुई है। किसान पहले कांटे पर वाहन चढ़ाने के लिए आपस में ट्रैक्टर ट्रालियों तक भिड़ा देते हैं। कई किसानों के ट्रैक्टर टकरा चुके हैं। किसान अरविंद, हरगोविंद, सतीश, मुकेश, रविंद्र, राघव, रामकुमार आदि ने बताया कि व्यवस्था इतनी खराब हो चुकी है कि प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो किसानों में टकराव हो सकता है। किसानों का आरोप है कि पुलिस न तो जाम खुलवाने के लिए आती है और न ही रात के समय मिल परिसर में गश्त करती है। किसानों ने मिल में पुलिस पिकेट की मांग की है।
मिल के मुख्य गन्ना अधिकारी ने बताया कि इन दिनों ज्यादा गन्ना आ रहा है। ज्यादा गन्ना आने के चलते किसानों में अपने वाहन को पहले तुलवाने की होड़ मचना स्वाभाविक है। इसके बावजूद भी मिल में व्यवस्था बेहतर है। मिल की सिक्योरिटी इस बात पर पूरा ध्यान रखती है कि कहीं कोई विवाद न हो।