शटडाउन में चालू कर दी लाइन संविदाकर्मी की करंट से मौत
बुगरासी। शटडाउन लेकर हाजीपुर-जलालपुर फीडर पर फाल्ट को सही करने पहुंचे संविदाकर्मी लाइनमैन मोनू की करंट से मौत हो गई। बताया गया कि काम के दौरान ही मोनू के बिना सूचना दिए लाइन को चालू कर दिया गया था। घटना से गुस्साए परिजनों व ग्रामीणों ने शव को बुगरासी-स्याना रोड पर रखकर जाम लगा दिया। घंटों जाम लगा रहा। परिजन बिजलीघर पर तैनात सभी कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने और 20 लाख मुआवजा दिलाने की मांग पर अड़े रहे। देर शाम एसडीएम ने दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई व अधिकतम मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया तब जाकर जाम खुल सका। पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
गांव जलालपुर निवासी मोनू (28) पुत्र राजेंद्र बुगरासी विद्युत उपकेंद्र पर संविदाकर्मी है। बुधवार को मोनू शटडाउन लेकर हाजीपुर-जलालपुर फीडर पर फाल्ट सही करने गया था। काम के दौरान ही किसी ने लाइन को चालू कर दी। करंट से मोनू की मौत हो गई। तीन साल पूर्व भी शटडाउन लेकर काम कर रहे संविदाकर्मी अमरदीप की भी दर्दनाक मौत हो गई थी। गुस्साए परिजन व ग्रामीण मोनू के शव को लेकर विद्युत उपकेंद्र बुगरासी के सामने बुगरासी-स्याना रोड पर पहुंचे और शव को बीच सड़क पर रखकर बुगरासी-स्याना रोड को जाम कर दिया। लोग विद्युत उपकेंद्र के सभी कर्मचारी एवं अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने सहित परिजनों को 20 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग करने लगे। स्याना एसडीएम सुभाष सिंह ने लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण मांग पर अड़े रहे। बाद में पावर कारपोरेशन के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार व एसडीओ राजेश्वर सिंह के मौके पर पहुंचे तथा एसडीएम सुभाष सिंह के दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई के आश्वासन पर ग्रामीणाें का गुस्सा शांत हुआ। एसडीएम सुभाष सिंह ने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने तथा परिजनों को अधिकतम संभावित मुआवजा दिए जाने के आश्वासन पर जाम को खोला। तकरीबन पांच घंटे तक ग्रामीणों ने शव को नहीं उठने दिया।
दो साल की बच्ची के सिर से उठा पिता का साया
मोनू की करी दो साल की बेटी परी है। परी परिजनों को बिलखता देख खुद भी रोने में लगी। परी को इतना भी नहीं पता कि अब उसके सिर से पिता का साया उठ चुका है। मोनू की पत्नी चार माह की गर्भवती है। आने वाली संतान को पिता का चेहरा भी नसीब नहीं हो सकेगा।
सड़क पर ही मां होती रही बेहोश
शव के पास ही मोनू की मां बार-बार रोते हुए बेहोश हो रही थी। अन्य महिलाएं उसे ढांढस बंधा रही थीं। जब भी होश आता तभी मां अपने बेटे के शव को देखती और रोते ही कुछ ही देर में बेहोश हो जाती।
बिजली अधिकारियों के भागने पर नाराज हुए ग्रामीण
मोनू की करंट से दर्दनाक मौत की जानकारी होते ही पावर कॉरपोरशन के अधिकारी व कर्मचारी परिवार की सहानुभूति जताने के बजाय मौके से ही भाग गए। जेई सहित सभी कर्मचारियों के भाग जाने को लेकर ग्रामीणों में गुस्सा पनप गया था। ग्रामीणों का कहना था कि दुख की इस घड़ी में जिस स्टाफ को साथ होना था,वह भाग खड़ा हुआ।
दिव्यांग भी घर जाने के लिए रहा परेशान
मोनू की मौत के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने बुगरासी-स्याना मार्ग पर मोनू के शव को रख जाम लगा दिया था। किसी को नहीं निकलने दिया गया। हाजीपुर निवासी एक दिव्यांग भी जाम में फंसा रहा। घंटों लगे जाम में उसे भी किसी ने नहीं जाने दिया।