आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपी दोषी करार
बुलंदशहर। अवैध संबंधों के लिए अनुचित दबाव बनाकर आत्महत्या के लिए नाबालिग छात्रा को मजबूर करने वाले आरोपी को अपर सत्र न्यायाधीश ने दोषी करार दिया है। साथ ही न्यायालय ने उसे सात वर्ष सश्रम कारावास और दस हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी केशव देव शर्मा ने बताया कि खुर्जा निवासी एक महिला ने दो अगस्त 2019 को खुर्जा नगर थाने में तहरीर दी थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि उनकी 17 वर्षीय पुत्री नगर के ही एक कालेज की छात्रा थी। एक युवक सुशील सिंह आए दिन उनकी पुत्री का पीछा करता व परेशान करता था। आरोप है कि 31 जुलाई 2019 को वह और उसके पति घर पर नहीं थे। रात करीब साढ़े नौ बजे जब वह घर पहुंचे तो उनकी पुत्री घर में तड़प रही थी। उसने उन्हें बताया था कि आरोपी सुशील सिंह उस पर अवैध संबंध बनाने का अनावश्यक दबाव बनाता था और परेशान करता था। इस कारण उसने मजबूर होकर जहर खा लिया है। इसके बाद उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। मामले में न्यायालय ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए सात वर्ष कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है।