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अलीम मौत प्रकरण : लाई डिटेक्टर और नार्को टेस्ट के लिए दायर की याचिका

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अलीम मौत प्रकरण : लाई डिटेक्टर और नार्को टेस्ट के लिए दायर की याचिका
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बुलंदशहर। सदर सीट से दो बार विधायक और बसपा के कद्दावर नेता हाजी अलीम की मौत का खुलासा सीबीसीआईडी के करने के बाद भी मामला ठंडा पड़ता नजर नहीं आ रहा है। मामले में पूर्व विधायक के बेटे सीबीसीआईडी के खुलासे पर पहले दिन से ही सवाल उठा रहे हैं। अब पूर्व विधायक के बेटों ने जेल में बंद अनस की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने कहा है कि परिवार के सभी सदस्यों का लाई डिटेक्टर, पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट कराया जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
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गौरतलब है कि 10 अक्तूबर 2018 की सुबह हाजी अलीम का गोली लगा शव बेड पर पड़ा मिला था। जिसके बाद इस मामले में तीन दिन बाद अलीम के भाई यूनुस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने एफएसएल, ब्लैस्टिक रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर एफआर लगा दी थी। मामला सीबीसीआईडी पहुंचा तो एजेंसी ने हाजी अलीम के बेटे अनस को दोषी बताकर गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया। अब पूरे प्रकरण में सीबीसीआईडी के इस खुलासे पर अलीम के परिजनों की ओर से ही सवाल उठाए जा रहे हैं। हाजी अलीम के बेटे दानिश और जैद ने बताया कि जिस समय सीबीसीआईडी को यह केस सौंपा गया था। उसी समय उन्होंने सीबीसीआईडी की एसपी मोहिनी पाठक को एक प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाई थी कि हाजी अलीम की सभी पत्नियों, भाई यूनुस और उनके सभी बेटों का नार्को टेस्ट कराया जाए। ताकि परिवार की सच्चाई निकलकर सामने आ सके, लेकिन उनके इस प्रार्थना पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और जांच जारी रखी। दानिश और जैद का कहना है कि उनके पिता की हत्या उसके गनर ने की है। अब पता यह लगाना है कि गनर शारिब ने यह हत्या किसके कहने पर की है। अनस की तरफ से हाईकोर्ट के एक अधिवक्ता की मदद से याचिका दायर की गई है कि अनस, जैद, दानिश और यूनुस के परिवार के सभी लोगों का नार्को टेस्ट कराया जाए। हालांकि हाईकोर्ट से अभी सुनवाई के लिए तारीख नहीं मिली है।
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