बुलंदशहर। औरंगाबाद क्षेत्र के गांव सूरजपुर टिकरी में उठा बवंडर।
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चक्रवाती तूफान ने बरपाया कहर, 50 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त
औरंगाबाद। चक्रवाती तूफान (बवंडर) ने शुक्रवार को क्षेत्र के सूरजपुर टीकरी गांव में ऐसा कहर बरपाया कि 50 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए तथा सैकड़ों पेड़, बिजली के खंभे उखड़कर गिर गए। किसानों को फसलों का भी भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। तूफान के दौरान गिरे मकानों के मलबे की चपेट में आने से सात लोग घायल हो गए, जिनका उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी गांव में पहुंचकर राहत कार्य के बाद नुकसान के आंकलन में जुटे रहे। तूफान का असर खिदरपुर व नगला गांव में भी रहा, हालांकि उक्त गांवों में अधिक नुकसान नहीं हुआ।
शुक्रवार को जनपद में मौसम सुबह से सुहाना था। दोपहर को अचानक आसमान में काले बादल छाने लगे। मौसम ने अचानक करवट बदल ली। क्षेत्र के गांव सूरजपुर टीकरी में शाम करीब साढ़े तीन बजे तेज हवाएं चलनी शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही देर में तूफान ने चक्रवर्ती तूफान (बवंडर) का रूप ले लिया। हवाएं जमीन से गोल गोल घूमते हुए आसमान की ओर दिखने लगीं। तूफान के रास्ते में आए दर्जनों मकान क्षतिग्रस्त हो गए। मकानों की टिन शेड समेत अन्य सामान बवंडर में उड़ने लगे। लोगों के घरों के सामान हवा के साथ उड़कर दूर तक चले गए। इस दौरान किसी मकान का पक्का लेंटर गिर गया तो किसी का छप्पर नीचे आ गिरा। बवंडर में फंसा एक ई रिक्शा करीब 100 मीटर तक उड़ गया। अनाज की खाली टंकी भी चकनाचूर हो गई। बड़ी संख्या में बिजली के खंभे और पेड़ भी उखड़ गए। मकानों के मलबे में दबकर गांव निवासी अमीर हसन, सादाब, मौसीन, शाहनवाज, अन्नो व जीशान घायल हो गए। इसके अलावा कुछ मवेशी भी क्षतिग्रस्त हुए मकानों की चपेट में आने से घायल हो गए हैं। चक्रवात के कहर की सूचना पर पुलिस प्रशासनिक अमला गांव में दौड़ पड़ा। एंबुलेंस से सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं प्रशासनिक टीम क्षति के आंकलन में जुट गई है।
राघवेन्द्र मिश्रा, सीओ सिटी - चक्रवाती तूफान के दौरान हुए हादसे में सात लोग घायल हुए हैं, जिनको इलाज के लिये जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नुकसान का आंकलन राजस्व विभाग की टीम कर रही है। घायल पशुओं के आंकलन के लिए सीवीओ को बुलाया गया है। लोगों से अपील है कि जिन लोगों के कच्चे मकान या चार इंची की दीवार है, उनको सावधान रहने की जरूरत है। आपदा की टीम को मौके पर भेजा जा रहा है।