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जांच की आंच से गुजरते बीता ‘प्रधान जी’ का कार्यकाल

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जांच की आंच से गुजरते बीता ‘प्रधान जी’ का कार्यकाल
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बुलंदशहर। पिछले ग्राम पंचायत चुनाव में जनता द्वारा चुनकर आए ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों यानि प्रधान जी को अपने कार्यकाल में खूब लोहे के चने चबाने पड़े। जनपद के ग्राम पंचायतों में निर्वाचित कई प्रधानों का कार्यकाल शिकायत, जांच, अधिकार सीज और बहाली के बीच बीत गया। गांव के विकास का पहिया गाहे बगाहे ही चलते हुए देखने को मिला। पांच वर्ष बाद 2020 में फि र से प्रधानी चुनाव का बिगुल बजने वाला है। अब ऐसे में प्रधान जी को अपनी जीत की चिंता सताने लगी है।
ग्राम पंचायत 2015 के चुनाव में प्रत्याशियों ने खूब लोगों को सब्जबाग दिखाए थे। जीतने से पूर्व प्रत्याशियों ने गांवाें में विकास की बयार बहाने के तमाम वादे किए थे। जीतने के बाद प्रधान जी विपक्षियों के आरोप प्रत्यारोप के अलावा शिकायत, जांच, अधिकार सीज और बहाली आदि के मामलों में ऐसे उलझे कि विकास कार्य के पहिये की गति स्लो मोड में ही रही। अब 2020 में जब चुनाव का माहौल एक बार फिर से बनने लगा है तो प्रधान जी के माथे पर बल पड़ने शुरू हो गए हैं।
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जनपद में 951 ग्राम पंचायतें हैं। इसमें हाल ही में तीन ग्राम पंचायताें में उपचुनाव हुए हैं। अब संभावना जताई जा रही है कि नवंबर दिसंबर तक मुख्य चुनाव आ जाएगा। इसकी तैयारी में भी संभावित प्रधान जुट चुके हैं, ऐसे में वर्तमान प्रधानों को यह चिंता हो गई है कि वोटरों के पास अब कौन से वादे लेकर जाएं, उनका अधिकतर कार्यकाल तो जांच की आंच में ही फंसा रहा। जिला पंचायत राज विभाग के आंकड़ों की मानें तो जनपद, तहसील और ब्लॉक स्तर पर प्रधानों के खिलाफ हजारों शिकायतें आईं, अब भी सिलसिला थमा नहीं हैं, शिकायतों का क्रम जारी है। प्रधानी के कार्यकाल में अब तक 16 प्रधानों के अधिकार सीज हुए थे, इसमेें आंतरिक जांच के बाद जिलाधिकारी ने 11 प्रधानों को बहाल भी कर दिया। अभी भी शिकायतों के आधार पर दो प्रधानों की विभागीय जांच चल रही है।
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शौचालय निर्माण में अनियमितता की रहीं ज्यादातर शिकायतें
जनपद में स्वच्छ भरत मिशन ग्रामीण के तहत 2.68 लाख से अधिक शौचालयों का निर्माण हुआ। इसके साथ ही विगत वर्ष 15 अक्तूबर को तत्कालीन डीएम ने जनपद को ओडीएफ घोषित कर दिया था। इसके बाद जनपद में सेनिटेशन के तहत 3210 और शौचालयों के पात्रों का चयन किया गया था। प्रधानों के इस कार्यकाल में सबसे ज्यादा मुसीबत यही शौचालय बने। जनपद के लगभग सभी ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण में अनियमितता की काफी शिकायतें आई। इसमें कई स्थान पर तो जांच में यह साबित भी हुआ कि कुछ प्रधानों ने पुराने शौचालय पर नाम पते आदि लिखवा दिए थे, जिसमें प्रशासन स्तर से कार्रवाई भी हुई थी।
चुनाव की अभी कोई अधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। शिकायतों के आधार पर जांच हुई और कार्रवाई की गई। किसी को भी अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया गया।
- नंदलाल, जिला पंचायत राज अधिकारी बुलंदशहर
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