अपने नेता को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ा जन सैलाब
बुलंदशहर। जनपदवासियों को सोमवार सुबह अपने लोकप्रिय नेता के निधन की सूचना मिली। जिसके बाद उनके समर्थकों व जनपदवासियों में शोक की लहर दौड़ गई। शाम करीब साढ़े तीन बजे उनके आवास से पार्थिव शरीर वाहन में रखकर नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए काली मंदिर के निकट स्थित श्मशान घाट पहुंचा। अपने नेता की अंतिम यात्रा के दौरान जनसमूह उमड़ पड़ा।
गौरतलब है कि सुबह करीब साढ़े तीन बजे सदर विधायक ने दिल्ली के अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद अंतिम सांस ली। जिसके बाद उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए नगर के प्रीत विहार स्थित उनके आवास पर लाया गया। सीएम के जाने के बाद दोपहर करीब साढ़े तीन बजे भारी सुरक्षा में अंतिम यात्रा घर से निकाली गई। इस दौरान पूर्व मंत्री संघप्रिय गौतम की आंखे भी छलक उठीं। अंतिम यात्रा के दौरान विधायक विजेंद्र सिंह खटीक, देवेंद्र सिंह लोधी, अनीता लोधी राजपूत, सांसद डा. भोला सिंह, एटा सांसद, राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया, अलीगढ़ सांसद सतीश गौतम, भाजपा के जिलाध्यक्ष अनिल शिशौदिया, नगर पालिका चेयरमैन मनोज गर्ग, हितेश गर्ग, दीपक दुल्हैरा, कुंवरवीर चौधरी, राजीव चौधरी, जेपी शर्मा, अजय त्यागी, आनंद चौधरी, लक्ष्मीराज सिंह, संजय माहेश्वरी, शरद त्रिवेदी, कृष्णकांत शर्मा समेत अन्य भाजपा नेता, पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जगह-जगह दी गई श्रद्धांजलि
अंतिम यात्रा के दौरान नगरवासियों ने रास्ते में जगह-जगह श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान भारी संख्या में लोग मौजूद रहे। काला आम चौराहे पर पूर्व मंत्री किरनपाल सिंह ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
तिरंगे में लिपटा था शव, दी गई सलामी
विधानमंडल दल के मुख्य सचेतक व वर्तमान सदर विधायक स्व. वीरेंद्र सिंह सिरोही की अंतिम यात्रा से पूर्व राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा गया था।
जब सकते में आए पुलिस अफसर
वीरेंद्र सिंह सिरोही के आवास के बाहर लोगों का हुजुम जुटा हुआ था। इस दौरान वहां पर पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी के साथ संजीव बालियान व अशोक कटारिया आदि भी मौजूद थे। इस दौरान पुलिसकर्मी मुख्यमंत्री के आने से पूर्व रस्सा लगा रहे थे और मंत्रियों को भी रस्से के पीछे कर दिया। मंत्रियों के कहने पर कि अब मंत्रियों को भी रस्से के पीछे खड़ा करोगे, तब पुलिस अफसर सकते में आ गए। आनन फानन में उन्हें भीड़ से अलग किया गया।