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हाथ न होने पर जज्बा नहीं हुआ कम, पैरों से लिखकर दी परीक्षा

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बुलंदशहर। जहांगीराबाद में यूपी बोर्ड की पैर से लिखकर परीक्षा देता छात्र। - फोटो : BULANDSHAHR
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हाथ न होने पर जज्बा नहीं हुआ कम, पैरों से लिखकर दी परीक्षा
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बुलंदशहर/जहांगीराबाद। थककर वो बैठ जाते हैं, जिनकी कोशिशें नाकाम होती हैं। जन्मजात बिना हाथों के पैदा हुए जहांगीराबाद क्षेत्र के गांव जुगसाना कलां निवासी रोहित कुमार ने अपनी हिम्मत नहीं हारी और पढ़ाई को जारी रखा। कड़ी मेहनत और लगन के बाद रोहित ने सीढ़ी दर सीढ़ी अपनी पढ़ाई को एक मुकाम तक जारी रखा और वह इन दिनों जहांगीराबाद में बोर्ड परीक्षा देकर सभी दिव्यांगों के लिए मिसाल कायम कर रहा है।
नगर के शिवकुमार अग्रवाल जनता इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा देने पहुंचे दोनों हाथों से दिव्यांग को देख सभी आश्चर्य चकित रहे गए। इस दौरान केंद्र व्यवस्थापक व प्रधानाचार्य सीपी अग्रवाल ने दिव्यांग रोहित के लिए उसके ही कमरे में बैठने की उचित व्यवस्था की। वहीं, परीक्षा शुरू होने के दौरान दिव्यांग छात्र ने पैरों से लिखकर पेपर हल करना शुरू किया तो अन्य परीक्षार्थियों की आंखें भर आई। जुगसाना कलां निवासी रोहित के पिता व पेशे से किसान ओमपाल सिंह ने बताया मेरी दो बेटी व दो बेटों में रोहित सबसे छोटा है। रोहित ने हाथ न होने के बाद भी अपनी हार नहीं मानी और पढ़ाई की इच्छा जाहिर की। बताया कि रोहित की हिम्मत को देख मेरे सभी बच्चे मेहनत कर पढ़ाई करने के साथ रोहित से प्रेरणा लेते है, कि इस परिस्थिति में भी रोहित मन लगाकर पढ़ता रहा है। वहीं, ग्राम प्रधान अजय सिंह ने भी बताया कि दिव्यांग रोहित एक दिन कामयाब होकर गांव व देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन जरूर करेगा। क्योंकि वह पैरों से ही अपनी किस्मत चमका बना रहा हैं।
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पैरों को ही बना डाला हाथ, करता है सभी कार्य
रोहित ने बताया कि हाथ नहीं है तो क्या हुआ पैर तो सही है। हौसलों की वजह से ही वह आज सामान्य इंसान की तरह जीवन जी रहा है। कहा कि मेरे चैलेंज कुछ अलग हैं, लेकिन कमजोर नहीं हूं। पैरों से खाना खाता हूं, पढ़ाई करता हूं और कम्प्यूटर चलाता हूं।
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कोट
पहली बार पैरों से किसी परीक्षार्थी को परीक्षा देते हुए देखा। रोहित जब केंद्र पर पहुंचा तो यकीन नहीं था कि वह परीक्षा दे पाएगा। परीक्षार्थी के बैठने के लिए तत्काल समुचित व्यवस्था की गई। - सीपी अग्रवाल, प्रधानाचार्य/केंद्र व्यवस्थापक
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