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होली से पूर्व बदल सकता है मौसम का मिजाज

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होली से पूर्व बदल सकता है मौसम का मिजाज
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बुलंदशहर। रात्रि के समय हल्की ठंड और दिन में गर्माहट का अहसास जारी है। वहीं, होली से पूर्व मौसम का मिजाज बदलने की संभावना जताई जा रही है। मौसम वैज्ञानिक होली से पूर्व बारिश की आशंका जता रहे हैं। इससे तापमाप में गिरावट भी आएगी और मौसम भी बदलेगा।
इस बार मौसम बार-बार रंगत बदल रहा है। फरवरी माह में बारिश की जरूरत महसूस की जा रही थी। जनवरी माह में कई बार बादल भी छाए और मात्र बूंदाबांदी तक ही सीमित रहे। मगर, अब होली से पूर्व मौसम बदलने के आसार जताए जा रहे हैं। यदि ऐसा होता है तो तापमान गिरेगा और मौसम भी खुशगवार होगा। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. विवेकराज का कहना है कि इस समय आंकड़े बन रहे हैं कि एक मार्च को पहाड़ों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा और यह चार मार्च तक मैदानी क्षेत्र तक पहुंच सकता है। इससे बुलंदशहर समेत आसपास के जिलाें में भी बूंदाबांदी के आसार बन रहे हैं।
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बढ़ने लगा तापमान, चलने लगे पंखे
- पिछले कई दिनों से बढ़ रहा तापमान, असमंजस में मौसम वैज्ञानिक
संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। मौसम में अचानक बदलाव और तापमान में हुई बढ़ोतरी को लेकर मौसम वैज्ञानिक भी असमंजस में हैं। हालात यह हैं कि फरवरी में पड़ने वाली सर्दी की जगह इस बार पंखे चलने लगे हैं। पिछले कई दिनों से तापमान में बढ़ोतरी भी जारी है।
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इस बार सर्दी देरी से आई और इस बीच कई बार मौसम ने रंगत बदली। कभी अधिक कोहरा और ठंड के साथ पाला पड़ा। इस दौरान मौसम वैज्ञानिकों के आंकड़ों का गणित भी कई बार फेल साबित हुआ। संभावना जताई जा रही थी कि इस बार फरवरी माह तक ठंड रहेगी। मगर, ऐसा नहीं हुआ और मौसम ने एक बार फिर रंगत बदली और तापमान में बढ़ोतरी होनी शुरू हो गई। जिसके चलते फरवरी माह में ही लोगों को पंखे चलाने को मजबूर कर दिया है। शनिवार को अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि, रविवार को अधिकतम तापमान 27 और न्यूनतम 10 डिग्री रहने की संभावना है। इसके बाद लगातार तापमान में बढ़ोतरी के आसार बन रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. विवेकराज ने बताया कि इस बार मौसम के आंकड़ों का गणित कई फेल साबित हुआ है। अचानक बदले मौसम और बढ़े तापमान ने भी आंकड़ों का गणित बिगाड़ दिया है। यह सब पर्यावरण प्रदूषण का असर है। यदि इसी तरह गर्मी बढ़ती रही तो गेहूं की फसल को प्रभावित कर सकती है। क्योंकि इस माह और गेहूं की फसल को ठंडी की जरुरत थी। मौसम के आंकड़ों से संभावना जताई जा रही है कि तापमान में लगातार बढ़ोतरी रहेगी और जल्द ही गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
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