बजट से आस: युवाओं की रोजगार संबंधी समस्याओं का हो समाधान
बुलंदशहर/जहांगीराबाद। बजट सत्र में केंद्र सरकार पूरे वर्ष की तमाम विकास की योजनाओं का खाका खींचेगी। शिक्षित युवाओं के आगे सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है। कोई नौकरी के लिए हाथ अजमाकर थक गया तो कोई स्वरोजगार में फेल होने के बाद घर पर बैठा है और खुद कुछ कर पाने को सपना संजोने लगा है।
ऐसे शिक्षित युवाओं ने मांग की है कि सरकार अपने बजट में एक ऐसे सेल की स्थापना करे, जहां युवा वर्ग अपनी समस्या का समाधान प्राप्त कर सकें। उनके लिए सरकारी नौकरियों के दरवाजे खुलें। स्वरोजगार के लिए बैंक लोन का ब्याज कम हो। केंद्र सरकार के नए बजट से शिक्षित युवाओं को इन्हीं व्यवस्थाओं के होने का इंतजार है। केंद्र सरकार ने पिछले बजट में युवाओं के लिए बहुत कुछ दिया, लेकिन वह नाकाफी साबित हुआ। इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करिअर बनाने का सोचा तो जिले के बाहर का रास्ता देखना पड़ा। स्वरोजगार शुरू करने के लिए युवाओं को पूरी जानकारी नहीं हो पाती। चाहें बैंक लोन की प्रक्रिया हो या संबंधित रोजगार की जानकारी। नए बजट से युवाओं की अपेक्षा है कि जिले के लिए एक सेल ऐसा बनाया जाएगा जहां बैठे कर्मचारी करिअर संबंधी समस्याओं का समाधान करेंगे। एक एक्जीबिशन हॉल बनाया जाएगा जहां जिले भर के युवा अपनी उपलब्धि साझा करें। अन्य छात्र-छात्राओं को जानकारी मिले और उन्हें खुद को एक प्लेटफॉर्म मिल सके।