लापरवाही बरतने पर दो शिक्षिकाएं निलंबित
बुलंदशहर। खुर्जा ब्लॉक क्षेत्र के गांव किर्रा स्थित संविलियन स्कूल में लापरवाही बरतने पर दो शिक्षिकाओं को निलंबित कर दिया गया। निलंबन का कारण अफसरों ने विद्यालय में गुटबाजी होना बताया है, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा था। वहीं, निलंबन के बाद दोनों शिक्षिकाओं को अलग-अलग संबद्ध कर जांच शुरू कर दी है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी किए गए पत्र के अनुसार खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान किर्रा के प्राथमिक विद्यालय में 215 के सापेक्ष 141 और उच्च प्राथमिक विद्यालय में 114 छात्र-छात्राओं के सापेक्ष 67 विद्यार्थी ही उपस्थित पाए गए। जबकि संबंधित विद्यालय को विभाग द्वारा कुछ समय पूर्व संविलियन किया गया था। जिसके बाद से उच्च प्राथमिक स्कूल की शिक्षिका और प्राथमिक स्कूल की शिक्षिका के बीच विवाद चल रहा था। वहीं, छात्र-छात्राओं के सामने ही शिक्षिकाओं में कई बार झगड़ा हुआ। विवाद के दौरान कई बार तो मिड डे मील तक नहीं बन पाया। आरोप है कि पूर्व में चार्ज मनीषा राघव को दिया गया तो दीपाली रानी द्वारा चार्ज देने में हीला-हवाली की गई। वहीं, बाद में मनीषा राघव द्वारा दीपाली रानी को चार्ज देने में हीला-हवाली की गई। साथ ही बीएसए द्वारा जारी आदेश को भी मानने से इंकार कर दिया गया। वहीं, मिड डे मील का रिकार्ड भी नहीं सौंपा गया, जिससे एमडीएम वितरण में बाधा उत्पन्न होने लगी। साथ ही गुटबाजी के चलते शिक्षण कार्य चौपट पड़ा है। बीएसए ने स्कूल के छात्र-छात्राओं से भी शिक्षिकाओं के विवाद के बारे में पूछताछ कर रिपोर्ट तैयार की। साथ ही छात्रों की बातें भी जांच में शामिल की गई। जांच के दौरान प्रथम दृष्टया दोनों को निलंबित कर दिया है। निलंबन के बाद मनीषा राघव को कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय खुर्जा नगर क्षेत्र में संबद्ध कर इसकी जांच बीईओ गुलावठी को सौंपी गई है, जबकि दीपाली रानी को निलंबन के बाद खुर्जा क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल टैना गोसपुर से संबद्ध कर इनकी जांच बीईओ स्याना को सौंपी है।
एक माह से चर्चाओं में रहा विद्यालय - निलंबित हुई शिक्षिकाएं मनीषा राघव और दीपाली रानी का विवाद समूचे शिक्षा विभाग में करीब एक माह से चर्चाओं में है। ग्रामीणों की रिपोर्ट के अनुसार अफसरों का मानना है कि दोनों शिक्षिकाएं एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए राजनीति कर रही थीं। वहीं, शिक्षिका दीपाली रानी ने सहायक अध्यापिका मनीषा राघव पर गंभीर आरोप लगाते हुए शासन को शिकायत भेजनी की बात कही है। बताया कि मनीषा राघव द्वारा प्रभारी प्रधानाध्यापिका का कार्यभार सौंपा जाना था। लेकिन अभी तक कोई सामान और अभिलेख नहीं दिया गया। साथ ही विभागीय अफसरों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सहायक अध्यापिका पर प्रभारी प्रधानाध्यापिका पदनाम से रिपोर्ट भेजने और 26 जनवरी को ध्वजारोहण किए जाने पर स्थानांतरण की धमकी देने का भी आरोप लगाया। बताया कि मनीषा राघव व खंड शिक्षा अधिकारी के बीच सांठगांठ होने पर निलंबित किया गया है।