स्वतंत्रता सेनानी व पूर्व विधायक पंडित देवदत्त शर्मा का फाइल फोटो..
- फोटो : BULANDSHAHR
आज भी अनूपशहर का गौरव हैं स्वतंत्रता सेनानी पंडित देवदत्त शर्मा
स्वतंत्रता सेनानी व पूर्व विधायक पंडित देवदत्त शर्मा मूल रूप से अनूपशहर क्षेत्र के गांव मखैना के रहने वाले थे। जो अपने परिवार के साथ अनूपशहर आकर बस गए थे। पंडित देवदत्त शर्मा का जन्म एक मई 1900 को पंडित चोखेलाल के यहां हुआ था। उन्होंने विधि शिक्षा हासिल कर सन 1924 में अनूपशहर तहसील में वकालत शुरू की थी। सन 1931 में देश की आजादी की लड़ाई में सक्रिय रूप से शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन, सविनय अवज्ञा आंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन आदि में भाग लिया। भारत छोड़ो आंदोलन में छह माह के लिए जेल भी गए। 1941 में जिला बोर्ड एजुकेशन के चेयरमैन भी रहे। सन 1946 में आनरेरी मजिस्ट्रेट भी रहे। अनूपशहर नगरपालिका के लंबे समय चेयरमैन भी रहे। देश की आजादी के बाद सन 1952 में डिबाई विधानसभा से तथा सन 1957 में अनूपशहर विधानसभा से विधायक रहे। रेलवे बोर्ड के भी सदस्य रहे। सन 1971 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आजादी की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर पंडित देवदत्त शर्मा को सम्मानित किया। कांग्रेस स्थापना की सौवीं वर्षगांठ पर भी सन 1985 में पंडित देवदत्त शर्मा को विशेष रूप से बुलाकर सम्मानित किया। सन 1985 में ही एक अक्टूबर को उनका निधन हो गया। नगरपालिका परिषद ने उनकी यादगार में अलीगढ़ बस स्टैंड पर एक गेट का निर्माण भी कराया हैं।