लाइन शिफ्टिंग में जेई की भूमिका मिली संदिग्ध
बुलंदशहर। मई माह में चांदपुर क्षेत्र में अवैध रूप से हुई लाइन शिफ्टिंग का मामला एमडी के पास पहुंच गया है। पूरे मामले में जेई की भूमिका संदिग्ध मिलने पर चीफ इंजीनियर ने एमडी को रिपोर्ट भेज दी है। अब अफसर एमडी स्तर से कार्रवाई होने की बात कह रहे हैं। बता दें कि तत्कालीन एसई रंजीत सिंह ने मामले की जांच की थी।
यमुनापुरम बिजलीघर से जुड़े चांदपुर क्षेत्र के बर्फी देवी गेट के अंदर में अवैध रूप से लाइन शिफ्टिंग की जा रही थी। मामले की सूचना मिलने पर एसडीओ विशाल चौधरी, वलीपुरा बिजलीघर के जेई ज्योति भास्कर सिन्हा मौके पर जांच करने पहुंचे। जहां अवैध खंभों से दो तार डालकर सिंगल फेज लाइन अवैध तरीके से खिंचती मिली। मामले में एसडीओ और जेई ने सात संविदा कर्मचारियों के खिलाफ कोतवाली नगर में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी थी। पूरे मामले की जांच तत्कालीन रणजीत सिंह यादव को सौंपी गई। तत्कालीन एसई को जांच में जेई की भूमिका संदिग्ध मिली। जिसकी रिपोर्ट उन्होंने चीफ इंजीनियर को सौंपी। इसके बाद काफी समय तक यह मामला फाइलों में दबा रहा। अब पूरे मामले की फाइल एमडी के पास पहुंच गई है। चीफ इंजीनियर ने बताया कि अवैध रूप से लाइन शिफ्टिंग करने के मामले में जेई के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर रिपोर्ट एमडी को भेज दी गई है।
पूरे मामले में जांच रिपोर्ट तैयार कर एमडी के पास भेज दी गई है। जो भी कार्रवाई होनी है वहीं से होगी।
आरपीएस तोमर, चीफ इंजीनियर