राशन डीलरों की मनमानी से परेशान उपभोक्ता
जहांगीराबाद। राशन वितरण के नाम पर डीलरों द्वारा जमकर लूटखसोट की जा रही है। शासनादेश की आड़ में उपभोक्ताओं का शोषण किया जा रहा है। राशन लेने पहुंच रहे उपभोक्ताओें को जबरन बाहरी सामान दिया जा रहा है। बाहरी सामान नहीं लेने पर राशन देने में डीलरों द्वारा आनाकानी की जाती है।
राशन डीलरों की आय बढ़ाने के लिए शासन द्वारा आदेश जारी किया गया है कि राशन की दुकानों पर डीलर बाहरी सामान बेच सकते हैं। शासनादेश में स्पष्ट कहा गया है कि राशन लेने आने वाले उपभोक्ताओं पर बाहरी सामान बेचने के लिए कोई दबाव नहीं डाला जाएगा। शासनादेश के विपरीत राशन डीलर मनमानी पर उतारू हैं। उपभोक्ताओं को तभी राशन दिया जा रहा है, जब वह बाहरी सामान ले रहे हैं। अनूपशहर तहसील के अंतर्गत कुल 181 राशन की दुकान हैं, इसमें जहांगीराबाद ब्लॉक में 83 और अनूपशहर ब्लॉक में 98 दुकान हैं। इन 181 दुकानों से करीब 60 हजार उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। राशन लेने पहुंचने वाले उपभोक्ताओं को राशन से पहले नमक, चाय की पत्ती आदि सामान बेचा जाता है। यदि उपभोक्ता सामान खरीदने से मना करता है तो डीलर उसे राशन देने में आनाकानी करता है। उपभोक्ताओं पर जबरन बाहरी सामान थोपा जा रहा है। डीलरों की मनमानी पर पूर्ति विभाग के अफसरों की हीलाहवाली देखने को मिल रही है।
नमक, चाय लो तभी मिलेगा राशन
उपभोक्ता मुकेश कुमार, राजेश देवी, देवकरन, शिव कुमार, लल्लन कुमार, संजय शर्मा, राजेश कुमार आदि ने बताया कि वह दुकान पर राशन लेने पहुंचते हैं तो डीलर घटिया स्तर की नमक, चाय की पत्ती आदि लेने का दबाव डालते हैं। डीलर कहते हैं कि जब यह सामान लोगे तभी उन्हें राशन मिलेगा। विरोध करने पर राशन डीलर आलाधिकारियों के आदेशों का हवाला देते हैं।
वर्जन
राशन डीलरों की आय बढ़ाने के लिए शासनादेश दिया गया है कि दुकानों पर बाहरी सामान बेचा जा सकता है, लेकिन इसके लिए उपभोक्ता पर किसी भी प्रकार का दबाव नहीं बनाया जाएगा। यदि उपभोक्ता बाहरी सामान नहीं लेता है तो उसके राशन वितरण से इसका कोई संबंध नहीं है। यदि डीलर बाहरी सामान बेचने में मनमानी कर रहे हैं तो इसकी जांच कराके कार्रवाई की जाएगी। - केबी सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी