ठगी प्रकरण: नासमझ युवकों को शिकार बनाता था प्रवीण
बुलंदशहर। एसटीएफ और नगर पुलिस की गिरफ्त में आए गिरोह के सदस्यों द्वारा सेना भर्ती की तैयारियों में जुटे युवाओं से संपर्क कर उन्हें अपने जाल में फंसाया जाता था। मुख्य रूप से गैंग का सरगना प्रवीण सीधे-सादे और नासमझ युवकों को ठगी का शिकार बनाता था। वह अपने परिचितों के माध्यम से युवाओं से संपर्क साधता था। इसके चलते उसने बुलंदशहर में ही रहना शुरू कर दिया था, ताकि यहां के युवाओं को आसानी से बरगला सके। युवाओं को फंसाने के बाद उनसे लाखों रुपये की वसूली की जाती थी।
बता दें कि बुधवार को एसटीएफ मेरठ के साथ मिलकर नगर कोतवाली पुलिस ने सेना और पुलिस में फर्जी तरीके से नौकरी दिलाने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि तीनों आरोपियों द्वारा सेना में कार्यरत अन्य साथियों की मदद से युवाओं की फर्जी तरीके से भर्ती कराई जाती थी। इसके लिए युवाओं से संपर्क साधकर उनके फर्जी निवास एवं अन्य प्रमाण पत्र बनवाना, मेडिकल में पास कराना, ज्वाइनिंग लैटर आदि से सेना में भर्ती करा दिया जाता था। इसकी एवज में युवाओं से मोटी रकम भी वसूली जाती थी। बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, मेरठ आदि क्षेत्रों से अच्छी-खासी संख्या में युवा सेना में भर्ती होने के लिए तैयारियां करते हैं, ऐसे में आरोपियों ने मेरठ, बुलंदशहर आदि क्षेत्रों के युवाओं पर फोकस कर रखा था। सेना भर्ती की तैयारयों में जुटे युवाओं से संपर्क के लिए परिचितों के अलावा आरोपी खुद गांव-गांव जाकर संपर्क करते थे। कुछ आरोपी मेरठ के ही रहने वाले हैं, जबकि गैंग का सरगना बताया जा रहा आरोपी प्रवीण कुमार भारद्वाज उर्फ राहुल पंडित ने बुलंदशहर के युवाओं से संपर्क रखने के लिए यमुनापुरम कालोनी में ही रहना शुरू कर दिया था।
पुलिस हर बिंदु पर मामले की जांच कर रही है। गिरोह का नेटवर्क काफी फैला हुआ था। यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह के संपर्क में कौन-कौन युवक थे। मामले में निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
- अरुणा राय, नगर कोतवाल