माघ मेले की तैयारियों में जुटा प्रदूषण विभाग
बुलंदशहर। माघ मेले को लेकर जिले के गंगा नदी किनारे के क्षेत्र प्रदूषण से मुक्त रहेंगे। इसके लिए प्रदूषण विभाग ने तैयारी शुरू कर टीम गठित कर दी है। साथ ही गंगा-नदी में आने वाले गंदे नालों का रुख खेतों की ओर करने की योजना बनाकर कार्य शुरू कर दिया है। माघ मेले का आयोजन जनवरी में शुरू होगा और फरवरी माह में समापन होगा।
बता दें कि प्रयागराज में जनवरी 2020 से फरवरी 2020 तक माघ मेले का आयोजन किया जाएगा। इससे पूर्व गंगा को स्वच्छ करने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार की टीम स्वच्छ अभियान चला चुकी है, लेकिन अभी भी गंगा-नदी किनारे वाले स्थानों का गंदा पानी गंगा नदी में पहुंच रहा है। माघ मेले पर श्रद्धालुओं को गंगा नदी स्वच्छ मिले इसके लिए प्रदूषण विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है और गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए टीम का गठन कर निगरानी के आदेश दिए है। साथ ही गंदे नालों का रुख खेतों की ओर करने की योजना बनाई है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी ई.जीएस श्रीवास्तव ने बताया कि माघ मेले से पूर्व गंगा नदी को स्वच्छ करने के लिए तैयारी की जा रही है। जिले के सभी गंगा नदी किनारे पड़ने वाले गांवों और फैक्ट्रियों के गंदे पानी को गंगा में नहीं जाने दिया जाएगा। इस संबंध में फैक्ट्रियों को नोटिस जारी कर दिए है और गांवों से निकलने वाले प्रदूषित गंदे पानी को खेतों की ओर किया जा रहा है। साथ ही गंगा नदी में स्नान करने के दौरान श्रद्धालुओं से खाने-पीने की वस्तुएं न डालने, पूजा सामग्री, फल-फूल प्रवाहित न करने, कपड़े आदि न धोने, देवी-देवताओं की मूर्तियों का विसर्जन न करने और स्नान करने के दौरान साबुन/शैंपू का प्रयोग न करे। जिससे गंगा स्वच्छ बनी रहे।