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फिर बढ़ा वायु प्रदूषण, एक्यूआइ पहुंचा 444

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फिर बढ़ा वायु प्रदूषण, एक्यूआइ पहुंचा 452
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बुलंदशहर। जनपद की आबोहवा एक बार फिर पटरी से उतरने लगी है। प्रशासन द्वारा एक्यूूआई के सुधार के लिए किए जाने वाले प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। बृहस्पतिवार को नेशनल प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की साइट पर दोपहर 12 बजे के जारी बुलेटिन में जनपद का एक्यूआई 452 मापा गया। प्रदूषण का यह स्तर लोगों के सेहत के लिए काफी हानिकारक है। साथ ही देश के प्रदूषित शहरों में जनपद का नाम भी शामिल हो गया है।
गौरतलब है कि बता दें कि दिवाली के बाद से ही जनपद के एक्यूआई के स्तर में लगातार बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। जनपद की वायु गुणवत्ता का स्तर काफी दिनों से खतरनाक की श्रेणी में है। वायु प्रदूषण में गिरावट न होने से नवजात, गर्भवती महिलाएं, मरीज एवं वृद्धों को स्वच्छ हवा न मिल पाने के चलते बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। वहीं, वायु प्रदूषण का कारण बनने वालों पर कार्रवाई के नाम पर अफसर चुप्पी साधे हुए हैं। वायु प्रदूषण बढ़ने के बाद एनजीटी ने प्रदूषण के कारक बनने वाले संयंत्रों और कार्यों पर कार्रवाई करने के साथ रोक लगाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद पिछले दिनों कई स्थानों पर एनजीटी के नियमों की धज्जियां उड़ते देखी गई। इसमें नगर में सीवर लाइन का कार्य करने वाली संस्था की काफी लापरवाही देखने को मिली। निर्माण कार्य जारी रखने के साथ ही पानी आदि का छिड़काव भी सही ढंग से कार्यदायी संस्था द्वारा नहीं किया गया। मामले में प्रशासन ने काफी सख्ती भी बरती, लेकिन वह नाकाफी साबित हुआ। अब एक बार फिर से जिले का एक्यूआई दोपहर 12 बजे 452 मापा गया। वहीं शाम चार बजे एक्यूआई का स्तर 444 रहा।
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एनजीटी द्वारा ईंट भट्ठों के संचालन पर रोक लगा रखी है। ईंट भट्ठों का संचालन नहीं होने दिया जा रहा है। जो संयंत्र प्रदूषण आदि फैला रहे हैं। उन पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। साथ ही बिना लोगों के सहयोग से इस पर नियंत्रण नहीं पाया जा सकता है, इसलिए लोगों से अपील है कि वह कूड़ा आदि न जलाएं।
- जीएस श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी
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