परिषदीय विद्यालयों के पास भवन नहीं, खुले में पढ़ते छात्र
- फोटो : अमर उजाला
प्रशासनिक अफसरों और जनप्रतिनिधियों की तरह अब आम नागरिक भी परिषदीय स्कूलों को गोद ले सकेंगे। परिषदीय स्कूलों की शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के लिए शासन ने यह पहल की है। इसके लिए शासन ने संपन्न लोगों को स्कूल गोद देने की योजना बनाई है।
जनपद समेत प्रदेशभर में परिषदीय स्कूल बदहाल हैं। इन स्कूलों की दशा सुधारने के लिए प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक अफसरों को परिषदीय स्कूलों को गोद लेने की योजना बनाई थी। बाद में जनप्रतिनिधियों को भी परिषदीय स्कूलों को गोद लेने के आदेश जारी किए गए, लेकिन जनपदों में सीमित अधिकारी और जनप्रतिनिधि होने पर काफी संख्या में परिषदीय स्कूल गोद लेने से मिलने वाली सुविधाओं से वंचित हैं।
सके लिए अब प्रदेश सरकार ने अमीर लोगों और संस्थाओं को गोद दिए जाने की योजना बनाई है, ताकि परिषदीय स्कूलों की हालत सुधरने के साथ संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें। राज्य परियोजना निदेशालय द्वारा इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
परिषदीय स्कूलों की दशा सुधारने के लिए शासन ने पहल की है। संस्था या आम नागरिकों द्वारा परिषदीय स्कूलों को गोद लेने से स्कूलों की स्थिति सुधरेगी। इस संबंध में शासन से जो भी दिशा-निर्देश मिलेंगे, उनका पालन किया जाएगा। - अखंड प्रताप सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी