आखिर हठधर्मिता का रुख क्यों अपनाए हुए है जल निगम
बुलंदशहर। जिला प्रशासन द्वारा जल निगम को नोटिस जारी करने और एक्सईएन को तलब करने के बाद भी जल निगम हठधर्मिता का रुख अपनाए हुए है। नगर स्थित केंद्रीय विद्यालय के बाहर जेसीबी से जमकर खुदाई का काम किया जा रहा है। यह हालात तो तब है कि जब बुधवार को एडीएम फाइनेंस ने उन्हें एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
बता दें कि एनजीटी के आदेश है कि जनपद में फैल रहे वायू प्रदूषण की रोकथाम को लेकर सभी प्रकार के निर्माण कार्य बंद कर दिए जाएं। लेकिन जल निगम लगातार एनजीटी के आदेशों की अवहेलना करता चला जा रहा है। इसको लेकर एडीएम फाइनेंस मनोज कुमार सिंघल ने जल निगम के एक्सइएन के साथ प्रदूषण अधिकारी व पीडब्ल्यूडी के एक्सइएन को तलब भी किया था और एनजीटी के आदेशों के बारे में उनलोगों को अवगत कराया गया था। यह भी कहा था कि अगर आदेशों का उल्लंघन होगा तो कार्रवाई की जाएगी। लेकिन शायद जल निगम के अधिकारियों पर कोई फर्क पड़ता नजर नहीं आ रहा है। बृहस्पतिवार को भी केंद्रीय विद्यालय के बाहर सीवर के पाइप डालने के लिए पोकलेन मशीन से खुदाई की गई। अब इसे निगम की हठधर्मिता ही कहेंगे, कि किसी के भी आदेश को एक्सईएन दरकिनार कर रहे हैं।
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जल निगम व पीडब्ल्यूडी पर लगाया 25-25 हजार का जुर्माना
- आदेश के बाद भी निर्माण कार्य जारी रहने पर की प्रशासन ने कार्रवाई
बुलंदशहर। एनजीटी के आदेश न मानने पर और लगातार निर्माण कार्य करने पर एडीएम फाइनेंस ने जल निगम व पीडब्ल्यूडी पर 25-25 हजार रूपये का जुर्माना लगाया है। एडीएम फाइनेंस मनोज कुमार सिंघल ने बताया कि नगर क्षेत्र में निर्माण कार्य बंदी के बावजूद भी सीवर लाइन का काम लगातार जारी है। इसको लेकर जल निगम पर 25 हजार रूपये जुर्माना लगाया है। वहीं, पीडब्ल्यूडी विभाग पर भी सड़क निर्माण करने पर 25 हजार रूपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की है कि जब तक प्रदूषण का स्तर सामान्य न हो जाए तब तक धुआं, धूल आदि करने वाले कार्य न किए जाए। अपने वाहनों में निरंतर प्रदूषण जांच कराए और उसका प्रमाण पत्र अपने साथ रखे।
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अब तक दो कर्मचारियों को किया निलंबित
बुलंदशहर। जिला प्रशासन ने एनजीटी के निर्देश व ग्रेप के अंतर्गत प्रदूषण की रोकथाम के लए प्रभावी कार्रवाई करते हुए बुधवार तक दो कर्मचारी पराली जलती पाए जाने पर निलंबित किए जा चुके हैं। वहीं 16 लोगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकि दर्ज कराई गई है। एडीएम फाइनेंस मनोज कुमार सिंघल ने बताया कि अब तक कूड़ा जलाने के चलते 116 लोगों पर करीब 1,63000 रूपये का जुर्माना लगाया है। धूल पैदा करने वाले कारकों के कारण 45 लोगों के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए 90,000 रूपये जुर्माना लगाया है। भट्टा, फैक्ट्री, पोटरी, भट्टियों पर अब तक 14,03,050 रूपये का जुर्माना लगाया है। तीन फैक्ट्रियों पर सील की कार्रवाई और एक के खिलाफ स्थाई रूप से बंदी की कार्रवाई की गई हैं। ऐसे ही नेशनल हाइवे के निर्माण के लिए अस्थाई रूप से संचालित रेडीमिक्स प्लांट से वायु प्रदूषण होने पर मै. एप्को इन्फ्राटेक प्रा.लि. से 2,25,250 रूपये का जुर्माना और मै. कोको फोम इंडस्ट्री सिकंदराबाद के खिलापु रास्य बोर्ड से वैद्य सहमति जल एवं वायू प्राप्त किए बिना संचालन होने पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में अर्थदंड 5,5,000 रूपये 1 अगस्त से 19 नवंबर तक का जुर्माना लगाया है।