नौ से ग्यारह चौराहे पर पुलिस चौकस, फिर जाम का झाम
बुलंदशहर। नगर का कालाआम चौराहा जिसे जनपद का सबसे व्यस्ततम चौराहा कहा जाता है। यहां से प्रतिदिन जनपद के वरिष्ठ अधिकारियों का आवागमन होता है। लेकिन, यह चौराहा जाम की भयावहता प्रतिदिन बयां करता है। अफसरों के गुजरने के दौरान सुबह नौ बजे से 11 बजे तक यहां पुलिसकर्मी ट्रैफिक व्यवस्था संभालते नजर आते हैं, लेकिन इसके बाद यह पुलिसकर्मी चौराहे से गायब होते हैं। इसके बाद फिर दोपहर में दो बजे के करीब नजर आते हैं। कालाआम चौराहे जनपद की शान कहा जाता है। लेकिन, जाम का ठप्पा इस चौराहे पर बदनुमा दाग बना हुआ है। पुलिस-प्रशासन द्वारा चौराहे को जाम मुक्त बनाने के लिए बनाई गईं सभी योजनाएं फुस्स ही नजर आती हैं। चौराहे पर लगी रेड लाइटें भी सही से काम नहीं कर रही हैं। जिन्हें करीब डेढ़ वर्ष पूर्व तत्कालीन डीएम ने लगवाया था। इसके अलावा चौराहे से कचहरी रोड स्थित डीएम, एसएसपी समेत वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों का आवागमन भी रहता है। सुबह करीब नौ बजे से 11 बजे तक यहां पुलिसकर्मी यातायात को संतुलित करते व चौकस नजर आते हैं। लेकिन, अधिकारियों के काफिले निकलने के बाद यह सिलसिला थम जाता है। इसके बाद पुलिसकर्मी चौराहे से नदारद रहते हैं। यही कारण है कि मुख्य चौराहे पर प्रतिदिन जाम की भयावह स्थिति बनी रहती है। सोमवार को भी शहर के मुख्य चौराहे पर जाम लगने से विभिन्न मार्गों पर घंटों तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। मुख्य रुप से कचहरी रोड, दिल्ली रोड, डीएम रोड, स्याना अड्डा रोड और जिला अस्पताल रोड जाम से जूझते नजर आए। दोपहर 12 बजे से करीब दो बजे तक लोग जाम से हलकान नजर आए। लोगों को डीएम रोड से कचहरी रोड तक दो मिनट की दूरी आधे घंटे से ज्यादा समय में तय करनी पड़ी।
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अव्यवस्थित यातायात और अवैध पार्किंग भी कारण
शहर के मुख्य मार्गों व चौराहों पर अवैध रुप से बनी पार्किंग, दुकानों के बाहर अतिक्रमण व ई-रिक्शा आदि का अव्यवस्थित रुप से सड़कों पर खड़ा होना मुख्य कारण हैं। जिन्हें हटाने के लिए पुलिसकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
कोट
ट्रैफिक पुलिस हर स्थिति को संभालने के लिए तैयार रहती है। कभी-कभी स्कूलों की छुट्टी होने पर जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इसके लिए भी रणनीति तैयार की जा रही है। जल्द ही शहर को जाम मुक्त किया जाएगा। - कुलवीर सिंह राणा, टीएसआई