कूड़ा जलाया तो देना पड़ सकता है 50 हजार तक जुर्माना
सिकंदराबाद । पिछले दिनों दिल्ली एनसीआर क्षेत्र समेत जनपद में प्रदूषण के खतरनाक स्तर तक पहुंचने पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद हरकत में आया सरकारी अमला प्रदूषण को नियंत्रित करने के प्रयासों में जुट गया है। सोमवार को ईओ, सफाई निरीक्षक ने पालिका के सभी वार्डों में बैठक कर लोगों से कूड़ा नहीं जलाने, वायु प्रदूषण नहीं करने की अपील की। इस दौरान कूड़ा जलाने पर एनजीटी, पालिका एक्ट के तहत जुर्माना लगाने की भी चेतावनी दी गई। लकड़ी, कोयले की भट्टी जलाकर वायु प्रदूषण करने वाले 32 लोगों को नोटिस जारी किया गया है।
बता दें कि पिछले दिनों दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया था। आलम यह था कि लोगों का सांस लेना दूभर हो गया था। जनपद में भी एक्यूआई लेवल चार सौ के पार पहुंच गया था। बढ़ते प्रदूषण के कारण प्रशासन को दो बार स्कूल भी बंद कराने पड़ थे। सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ते प्रदूषण का संज्ञान लेते हुए कड़ी फटकार लगाई थी और संबंधित को प्रदूषण नियंत्रित करने के आदेश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद सरकारी अमला प्रदूषण को नियंत्रित करने की कवायद में जुट गया था। जिलाधिकारी ने स्वयं सिकंदराबाद में औद्योगिक क्षेत्र में छापा मारी कर प्रदूषण फैलाने वाली तीन फैक्ट्रियों को सील कराते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। डीएम ने प्रदूषण विभाग के साथ ही पालिका, नगर पंचायतों, ग्राम पंचायतों को प्रदूषण को कम करने के लिए प्रदूषण फैलाने वाले संयंत्रों पर कार्रवाई करने और लोगों को प्रदूषण नहीं फैलाने के लिए प्रेरित करने के आदेश दिए थे। जिलाधिकारी के आदेशों के क्रम में सोमवार को ईओ संजीवनराम, सफाई निरीक्षक राजेंद्र सिंह ने पालिका के सभी 25 वार्डो़ में सभासद की मौजूदगी में लोगों के साथ बैठक की। बैठक में लोगों से कूड़ा नहीं जलाने, टायर, वायु प्रदूषण फैलाने वाली किसी भी वस्तु को नहीं चलाने का आग्रह किया गया। ईओ ने लोगों से कोयले, लकड़ी की भट्टी का प्रयोग नहीं करने की भी अपील की। साथ ही होटल संचालक, व भट्टी का प्रयोग करने वाले अन्य लोगों से भी गैस का प्रयोग करने को कहा गया। ईओ ने चेतावनी दी कि वायु प्रदूषण फैलाने का दोषी पाए जाने पर आरोपी पर एनजीटी, पालिका एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। जुर्माने की राशि पांच हजार से पचास हजार हो सकती है। जुर्माना अदा नहीं करने की सूरत में छह माह का कारावास की सजा हो सकती है।