शौचालय का निर्माण पूरा करने में फेल साबित हो रहे अफसर
बुलंदशहर। जनपद में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत शौचालयों का निर्माण होने के बाद सेनिटेशन के तहत चयनित किए गए 3210 शौचालयों का निर्माण पूरा करने में विभागीय अफसर फेल साबित हो रहे हैं। काफी समय बीत जाने के बाद भी अभी तक मात्र 1500 शौचालयों का निर्माण होने के बाद अफसरों की पोल खुल गई है। जबकि शासन का आदेश था कि विगत दो अक्तूबर तक सभी शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा हो जाना चाहिए।
बता दें कि जनपद में स्वच्छ भरत मिशन ग्रामीण के तहत 2.68 लाख से अधिक शौचालयों का निर्माण हुआ। इसके साथ ही विगत वर्ष 15 अक्तूबर को तत्कालीन डीएम ने जनपद को ओडीएफ घोषित कर दिया था। इसके बाद जनपद में सेनिटेशन के तहत 3210 और शौचालयों के पात्रों का चयन किया गया था। शासन ने इन शौचालयों का निर्माण विगत दो अक्तूबर तक पूरा कराने के आदेश दिए थे। वहीं, दूसरी ओर पहले बने शौचालयों की भी मंडल स्तर से ओडीएफ की सच्चाई जानने के लिए हुए निरीक्षण में 252 गांव फेल साबित हो गए थे। इसके बाद विभागीय अधिकारियों को मंडल स्तर से इन गांवों में बने शौचालयों की कमी को दूर करने की बात कहीं थी। इस कमी को दूर करने के बाद इन गांवों में से अभी भी 38 गांव ऐसे बचे हैं, जिनका मंडल स्तर से दोबारा सत्यापन नहीं हो सका है। साथ ही केंद्र सरकार से भी अभी शौचालय निर्माण का सत्यापन कर जनपद में ओडीएफ का पता किया जाएगा। इसके लिए पिछले काफी दिनों से केंद्र से आने वाली टीम की चर्चा चल रही है। लेकिन सेनिटेशन के तहत बनाए जा रहे शौचालयों में विभाग के पिछड़ने पर अफसरों की कार्यप्रणाली की भी पोल खुलकर सामने आ रही है।
जनपद में सेनिटेशन के तहत बनाए जा रहे शौचालयों का निर्माण जल्द पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही एक बार फिर जनपद में शौचालयों का प्रयोग करने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जनपद को पूरी तरह से ओडीएफ है और जिले के बाद मंडल से भी जल्द मुहर लग जाएगी।
अमरजीत सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी, बुलंदशहर