पराली जलाने वालों पर सेटेलाइट से रखी जा रही नजर
बुलंदशहर। जनपद के किसान सावधान हो जाएं। यदि अब उन्होंने धान की पराली जलाई तो उनका पता अफसर आसानी से लगा लेंगे। पराली जलाने पर दिल्ली में सेटेलाइट से नजर रखी जा रही है। अब तक जनपद में चार पराली जलाने की शिकायत दिल्ली से कृषि विभाग को प्राप्त हो गई है। विभागीय अफसरों ने बताए गए स्थान पर पराली जलाने वाले किसानों को ट्रेस करना शुरू कर दिया है।
बता दें कि केंद्र व प्रदेश सरकार के साथ एनजीटी ने फसल अवशेष जलाने पर रोक लगा रखी है। साथ ही यदि कोई फसल अवशेष जलाता है तो उस किसान पर जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है। कृषि अधिकारियों का कहना है कि फसल अवशेष जलाने से उठने वाले धुआं से पर्यावरण प्रदूषित होता है। इससे कई तरह के रोग भी होते हैं। शासन के आदेश पर पिछले दिनों जनपद के किसानों को विभागीय अफसर चेतावनी जारी कर चुके हैं कि यदि किसी किसान ने पराली जलाई तो उस पर जुर्माना लगेगा। इसके बावजूद भी जनपद में पराली जलाने का सिलसिला जारी है। विभागीय अफसरों ने बताया कि किसानों द्वारा धान की पराली जलाने पर दिल्ली में सेटेलाइट से नजर रखी जा रही है। अफसरों ने किसानों से आह्वान किया है कि वह पराली न जलाए। उसका प्रयोग में ही नष्ट कर खाद के रूप में प्रयोग करें। पराली जलाने से भूमि के मित्र कीट मर जाते हैं और उर्वरा शक्ति भी कम होती है।
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धान की पराली जलाने पर दिल्ली में सेटेलाइट से नजर रखी जा रही है। दिल्ली से जनपद में अब तक अलग-अगल स्थानों पर पराली जलाने की जो चार शिकायत मिली हैं, उन स्थानों के साथ किसानों को ट्रेस किया जा रहा है।
- आरपी चौधरी, उप कृषि निदेशक, बुलंदशहर