बुलंदशहर जिला पंचायत सदस्य को पुलिस ने किया गिरफ्तार
बुलंदशहर। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी से मारपीट के मामले में वांछित चल रहे जिला पंचायत सदस्य सुनील चरौरा को पुलिस ने बुधवार दोपहर पीछा कर धर दबोचा। आरोपी जिपं सदस्य को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
बीते दिनों जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी रणमत सिंह ने तहरीर देकर बताया था कि आठ सितंबर जिला पंचायत सदस्य सुनील चरौरा और उनके साथी पीड़ित के कार्यालय में घुस आए थे। आरोपियों ने इस दौरान एक फर्जी दस्तावेज पर दस्तखत करने के लिए कहा था। जिस पर एएमए ने दस्तख्त करने से इंकार कर दिया था। आरोप है कि इसके बाद जिपं सदस्य सुनील चरौरा ने उनके साथ मारपीट और अभद्रता की। साथ ही विरोध करने व शोर मचाने पर लोगों को आता हुआ देख हत्या की धमकी देकर भाग निकले थे। पीड़ित की शिकायत पर नगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। लेकिन, सुनील चरौरा पुलिस के चंगुल से दूर था। बुधवार दोपहर नगर कोतवाल को सूचना मिली कि जिपं सदस्य जिला पंचायत सभागार में चल रही बैठक में मौजूद है। सूचना मिलते ही नगर कोतवाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गई। लेकिन, सुनील चरौरा पुलिस को देख कर कलक्ट्रेट की दीवार फांद कर भाग निकला। लेकिन, पुलिस ने घेराबंदी कर पीछा करते हुए जिपं सदस्य को उनके घर के पास से दबोच लिया। वहीं, अब जिपं सदस्य को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। बताया गया कि उनकी जमानत पर आगामी 27 सितंबर को सुनवाई होनी है।
न्यायालय परिसर पहुंचे कांग्रेसी
जिला पंचायत सदस्य सुनील चरौरा के गिरफ्तार होने की सूचना मिलते ही दर्जनभर कांग्रेसी नेता और विभिन्न जिपं सदस्य जिला न्यायालय परिसर पहुंच गए। हालांकि, इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद रखा गया था।
जिला योजना की बैठक में उठा सवाल, तो जागी पुलिस
जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर प्रभारी मंत्री की बैठक के दौरान जिपं सदस्य सुनील चरौरा ने किसी मामले में अपनी बात रखी थी। जिस पर बैठक में मौजूद एक जनप्रतिनिधि ने कहा कि तुम बैठक में आने के हकदार नहीं हो, तुम्हारे ऊपर तो नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज है और फरार चल रहे हैं। जनप्रतिनिधि के इतना कहते ही नगर पुलिस हरकत में आई और आरोपी को दबोच लिया। बता दें कि कुछ दिन पूर्व कांग्रेसी नेता सुनील चरौरा के पक्ष में एसएसपी से मिले थे।
कोट
जिला पंचायत सदस्य सुनील चरौरा को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। - अरुणा राय, नगर कोतवाल