ताश के पत्तों की तरह फेंटे गए विकास अधिकारी और ग्राम सचिव
बुलंदशहर। जनपद की 951 ग्राम पंचायतों पर तैनात 186 ग्राम विकास अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बड़ा फेरबदल किया गया है। 28 सचिवों का एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में तबादला हो गया तो साथ ही 497 ग्राम पंचायतों में कार्यक्षेत्र बदला गया है। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए पहले जनपद के नक्शे से रणनीति बनाई गई और फिर मूल्यांकन के आधार पर सचिवों को तैनाती दी गई है।
बता दें कि जनपद में 951 ग्राम पंचायत हैं और इनके अधीन 1176 राजस्व गांव हैं। इन ग्राम पंचायतों पर 186 ग्राम विकास अधिकारी (ग्राम सचिव) तैनात हैं। यह ग्राम सचिव ग्राम प्रधान और वार्ड सदस्यों के साथ ग्राम सभा की बैठक में गांवों में होने वाले विकास कार्यों के प्रस्ताव पर मुहर लगाते हैं। इसके बाद शासन से विभिन्न मदों से मिलने वाली राशि से प्रस्ताव में शामिल विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाया जाता है। सभी विकास कार्यों में ग्राम सचिव और ग्राम प्रधान की अहम भूमिका रहती है। चर्चा है कि अधिकतर गांव में तैनात ग्राम सचिव मनमानी कर रहे थे, जिसके चलते विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे थे। शिकायत यह भी मिल रही थी कि एक ग्राम सचिव को कई-कई गांव आवंटित किए हुए थे। यह गांव भी एक-दूसरे से काफी दूर पड़ते हैं। ऐसे में ग्राम सचिव नियमित सभी गांवों में नहीं पहुंच पा रहे थे। इसके चलते ग्राम पंचायत पर होने वाले जरूरी काम भी प्रभावित हो रहे थे। लेकिन अब जो फेरबदल किया गया है। उसमें पहले जपद के नक्शे में शामिल ग्राम पंचायतों का अवलोकन कर रणनीति बनाई गई और फिर ग्राम पंचायत और सचिवों को आवंटित किए गए गांवों का मूल्यांकन के आधार पर उन्हें तैनाती दी गई है।
-------
सिफारिशों से बचने के लिए गोपनीय तरीके से हुई कार्रवाई
जनपद में ग्राम सचिवों की तैनाती में किए गए फेरबदल का काम डीएम रविंद्र सिंह के आदेश पर किया गया है। इस कार्य को अमलीजामा पहनाने के साथ सिफारिशों से बचने के लिए गोपनीय तरीके से कार्रवाई की गई। पिछले एक माह से चल रही इस प्रक्रिया की अफसरों ने किसी को भनक तक नहीं लगने दी। आखिरी दिन मंगलवार को सभी ग्राम विकास अधिकारियों को सभी 16 ब्लॉकों पर बुलाया। उनके मोबाइल जमा करवा लिए गए और बैग जमा करवाने के साथ ही चार्ज दिलवाया गया। उसके बाद उनको आंवटित किए गए गांवों के नियुक्ति पत्र प्रदान कर चार्ज हस्तांतरित करा दिया गया। इस दौरान किसी भी सचिव को किसी से बात करने तक का मौका नहीं दिया गया।
---------
विकास भवन में बनाया कंट्रोल रूम
बता दें कि इस पूरी प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाने के लिए विकास भवन में कंट्रोल रूम बनाया। इसके लिए अधिकारियों ने व्हाट्सएप पर एक ग्रुप बनाया। इस ग्रुप पर ब्लॉक स्तर पर चली कार्रवाई और सचिवों को दिए जाने वाले नियुक्ति पत्र की जानकारी के साथ फोटो प्राप्त किए गए। कंट्रोल रूम में भी पल-पल की जानकारी हासिल की गई। इस पूरी प्रक्रिया पर डीएम रविंद्र कुमार की नजर रही और संबंधित अधिकारियों से फीडबैक भी लेते रहे। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी अधिकारियों ने राहत की सांस ली। साथ ही पहली बार इस तरह की हुई कार्रवाई का सभी ने स्वागत करते हुए डीएम के इस पहल की सराहना की है।
------
कुछ ग्राम सचिव चिकित्सा अवकाश और विभागीय काम से लखनऊ गए हुए थे, जिसके चलते उन्हें अभी चार्ज नहीं मिला है। ऐसे ग्राम सचिवों को आगामी दो दिन में चार्ज हस्तांतरित कराकर नई नियुक्ति का चार्ज दे दिया जाएगा।
- अमरजीत सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी, बुलंदशहर
-------
जनपद में ग्राम विकास अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल और स्थानांतरण की प्रक्रिया गांव के विकास और अन्य कार्यों को गति देने के लिए की गई है। यह सभी कार्य डीएम के आदेश पर हुआ है और इससे अब गांव में होने वाले सभी कार्यों में पारदर्शिता भी आएगी।
- सुधीर कुमार रुंगटा, मुख्य विकास अधिकारी, बुलंदशहर
मनोज कुमार-