प्रोजेक्ट मैनेजर और कंपनी प्रतिनिधि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
बुलंदशहर। दुर्गापुरम कॉलोनी में सीवर लाइन के लिए हुई खुदाई में एंबुलेंस के फंसने और उस दौरान हुई महिला की मौत के मामले में प्रशासन ने कंपनी केे प्रोजेक्ट मैनेजर और कंपनी के प्रतिनिधि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। नगर मजिस्ट्रेट ने बुधवार देर रात मामले में जल निगम के जेई से एफआइआर करवाया है। वहीं, डीएम ने इस प्रकरण में जांच समिति गठित कर दी है।
बता दें कि मंगलवार को मूसलाधार बारिश केे कारण नगर की दुर्गापुरम कॉलोनी में सीवर लाइन केे लिए हुई खोदाई के चलते रास्ता दलदली बन गया है। मंगलवार की रात कालोनी निवासी देशराज की पत्नी सोनी कश्यप की तबीयत खराब हुई। घर केे लोग महिला को अस्पताल ले जाने लगे। रास्ता खराब होने के कारण गाड़ी उसमें फंस गई और घंटों की मशक्कत के बाद भी नहीं निकल पाई। जिससे महिला की मौत हो गई। मौत के बाद वहां कालोनी के लोग एकत्र हो गए और सीवर लाइन डालने वाली कंपनी व जल निगम के खिलाफ रोड जाम कर प्रदर्शन किया। डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर मजिस्ट्रेट विवेक कुमार मिश्रा व जल निगम के एक्सईएन की टीम गठित कर मामले की जांच सौंपी। बुधवार की देर शाम नगर मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे और सबकेे बयान दर्ज कर कंपनी मै. एलसी इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्रा.लि. को दोषी पाया। नगर मजिस्ट्रेट ने बताया कि कंपनी ने जून माह में सीवर लाइन बिछाने का काम शुरू किया था, लेकिन काम की रफ्तार बहुत धीमी रखी थी। जिसकी वजह से बारिश में रास्ता खराब हो गया और सही समय पर उपचार न मिलने की वजह से महिला की मौत हो गई। बताया कि जल निगम के जेई दर्शन सिंह को कोतवाली नगर में तहरीर देकर कंपनी मै. एलसी इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्रा.लि. अहमदाबाद के प्रोजेक्ट मैनेजर आसिम जमील पुत्र सरवन एवं कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि खुंट रसिक भाई पुत्र जेराम भाई के खिलाफ आईपीसी की धारा 304ए में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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जांच के बाद वन रक्षक को किया सस्पेंड
- डीएम के आदेश पर जांच रिपोर्ट मिलने पर की गई कड़ी कार्रवाई
- ऊंचागांव क्षेत्र में लकड़ी माफियाओं से मिलीभगत कर हरे पेड़ कटवाने का मामला
माई सिटी रिपोर्टर
बुलंदशहर। ब्लॉक ऊंचागांव क्षेत्र में हरे पेड़ों पर चलाई गई कुल्हाड़ी के मामले में एक वन रक्षक पर गाज गिर गई है। डीएम के आदेश पर जांच रिपोर्ट मिलने पर डीएफओ ने क्षेत्र के वन रक्षक को दोषी मानते हुए सस्पेंड कर दिया है। साथ ही पेड़ काटने के मामले में डीएम ने वन रक्षक सहित अन्य लकड़ी माफियाओं के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए हैं।
बता दें कि पिछले दिनों ऊंचागांव क्षेत्र के गांव गजरौला में हरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चली थी। इस मामले की जानकारी जब डीएम रविंद्र कुमार को हुई तो उन्होंने कार्रवाई करते हुए अनूपशहर क्षेत्र के वनाधिकारी से जांच कराई थी। डीएम को मिली जांच रिपोर्ट के आधार पर अब वन ऊंचागांव क्षेत्र के वन रक्षक हितेश कुमार को दोषी पाया गया है। जिसके बाद अब डीएफओ ने वन रक्षक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इसके अलावा वन रक्षक व जो पेड़ काटने के मामले में शामिल रहे थे, उनके खिलाफ भी डीएम ने डीएफओ को एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। डीएफओ गंगा प्रसाद ने बताया कि पेड़ काटने के मामले में की गई जांच में वन रक्षक दोषी पाया गया। जांच रिपोर्ट मिलने और डीएम के आदेश पर वन रक्षक को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही इसमें जो वन रक्षक संलिप्त होगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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