खेल के सामानों में धांधली पर दो हेडमास्टरों से जवाब तलब
बुलंदशहर। परिषदीय स्कूलों में खेल सामग्री की खरीदारी में धांधली का मामला सामने आया है। बीएसए द्वारा सोमवार को परिषदीय स्कूलों के निरीक्षण के दौरान मामला सामने आया। मामले में बीएसए ने दो स्कूलों के हेडमास्टरों से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही सभी स्कूलों में खेल के सामान की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सबसे पहले गांव बहलीमपुरा स्थित प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। यहां पर पंजीकृत 152 के सापेक्ष 107 छात्र मिले। शिक्षक सभी मौजूद रहे और व्यवस्थाएं भी लगभग ठीक मिलीं। इसके बाद गांव चावली स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। यहां खेल के सामान के लिए मिली 10 हजार की राशि में से मात्र पांच हजार का सामान खरीदने का खुलासा हुआ। इसी तरह गांव इस्माइला स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में भी 10 हजार की जगह पांच हजार का सामान खरीदने का मामला सामने आया। इस पर बीएसए ने इन दोनों स्कूलों के हेडमास्टरों से स्पष्टीकरण मांग लिया है। बीएसए अंबरीष कुमार ने बताया कि खेल के सामान के लिए प्राथमिक विद्यालय के लिए पांच और उच्च प्राथमिक विद्यालय के लिए 10 हजार रुपये की राशि मिली थी। स्कूलों के निरीक्षण में गांव चावली और इस्माइला के स्कूल में 10 हजार की जगह पांच हजार का सामान खरीदने का मामला सामने आया है। दोनों स्कूलों के हेडमास्टरों से स्पष्टीकरण मांग लिया है। समय पर स्पष्टीकरण न मिलने पर विभागीय कार्रवाई होगी।
मिड डे मील के वितरण का पूरा नहीं मिला रजिस्टर
बीएसए के निरीक्षण में गांव चावली स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में एमडीएम के वितरण की रजिस्टर में पूरी जानकारी अंकित नहीं मिली। 11 बजे तक एमडीएम प्राप्त करने वाले बच्चों की उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज नहीं कराई गई थी। स्कूल के हेडमास्टर से इस संबंध में भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
स्कूल में जगह का अभाव, प्रधान के घर बन रहा एमडीएम
बीएसए के निरीक्षण में सामने आया कि गांव चावली स्थित प्राथमिक विद्यालय में रसोई नहीं है और मिड डे मिल ग्राम प्रधान के घर बनता है। बताया गया कि इस स्कूल में जगह का अभाव होने के कारण रसोई नहीं है। ऐसे में पिछले काफी समय से ग्राम प्रधान के घर ही मिड डे मील बन रहा है।