डेडीकेटिड फ्रेट कॉरीडोर की जद में आने वाले 250 भवनों को गिराया जाएगा। रेलवे लाइन के किनारे वाले खाली प्लाट्स का रेलवे अधिग्रहण करेगा। इस संबंध रेलवे ने दोबारा सर्वे कर लिया है।
रेलवे ट्रैक के केंद्र से दोनों साइडों में 25-25 मीटर तक जो भी निर्माण फ्रेट कारीडोर की जद में आएगा, वह गिराया जाएगा। रेलवे ने दोबारा वेल्यूएशन करवा दिया है। वेल्यूएशन के हिसाब से प्लाट का अलग और निर्माण सामग्री का मुआवजा अलग से मिलेगा। भूड़ और शांतिनगर क्षेत्र में 130 मकानों को गिराया जाना है।
हंस विहार कालोनी और कस्बा बरम में 124 मकानों को तोड़ जमीन समतल की जाएगी। इसी भूमि पर एक ओर पावर ट्रैक बिछाया जाएगा। भूड़ क्षेत्र में कई आलीशान भवन फ्रेट कारीडोर की जद में हैं। मिलेगा शत प्रतिशत मुआवजाः फ्रेट कारीडोर के जिए जिन लोगों की जमीन ली जाएगी, उन लोगों को क्षतिग्रस्त भवन का शतप्रतिशत मुआवजा मिलेगा।
मसलन किसी व्यक्ति का बरम क्षेत्र में 50 वर्ग में भवन है। 50 वर्ग गज में से 10 वर्ग गज हिस्सा अधिग्रहित किया गया है। उक्त व्यक्ति को 10 वर्ग गज जमीन का मुआवजा तो मिलेगी ही, साथ ही 50 वर्ग गज के निर्माण की लागत भी प्रोजेक्ट के तहत मिलेगी।
बनेंगे 22 अंडरपास ःफ्रेट कारीडोर के तहत बुलंदशहर से हापुड़ की सीमा हाफिजपुर तक 22 अडरपास का निर्माण होगा। कुड़वल और चांदपुर रोड पर अंडरपास का निर्माण होना है। गुलावठी क्षेत्र के तमाम लिंक रोड्स(जहां ट्रैफिक का आवागमन अधिक होता हो) पर अंडरपास बनाए जाएंगे।