सोशल इंजीनियरिंग के दम पर 2007 में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने वाली बसपा सुप्रीमो फिर यही दांव खेल रही हैं। ब्राह्मण मतदाताओं को दोबारा अपनी तरफ लाने और सपा में चल रही उठापटक के बीच मुस्लिमों को रिझाने का प्रयास किया जा रहा है। बसपा ने जिले में सात विधानसभा सीटों पर पांच प्रत्याशी मुस्लिम-ब्राह्मण उतारे हैं।
2007 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने सोशल इंजीनियरिंग के दम पर पूर्ण बहुमत से सरकार बना ली थी। तब बसपा ने ब्राह्मण वोट खींचने के लिए बड़ी संख्या में ब्राह्मण प्रत्याशी उतारे थे। इसके अलावा मुस्लिमों को भी जमकर टिकट दिए गए थे। 2012 में ब्राह्मण और मुस्लिम मतदाता बसपा से छिटक गया, जिसके कारण बसपा सत्ता से बेदखल हो गई।
अब फिर से बसपा जिले में मुस्लिम-ब्राह्मण वोटों को ेखींचकर दलित वोट बैंक के साथ ताकत बनाना चाह रही हैं। यही कारण है कि बसपा की सूची में मुस्लिम-ब्राह्मण प्रत्याशियों का दबदबा है। जिले की सात में से तीन सीटें मुस्लिम और दो सीटें सीटों पर ब्राह्मण प्रत्याशियों को दी गई हैं।
बसपा ने शिकारपुर सीट पर सबसे ज्यादा ब्राह्मण वोटों को देखते हुए मुकुल उपाध्याय को मैदान में उतारा है तो वहीं पिछली दो बार से डिबाई विधानसभा सीट जीत रहे श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित को देखते हुए पंडित देवेंद्र भारद्वाज को प्रत्याशी बनाया गया। गुड्डू पंडित एक बार बसपा से तो दूसरी बार सपा के टिकट पर चुनाव जीते हैं।
इसके अलावा मुस्लिम-जाटव वोट बैंक के सहारे दो बार से चुनाव जीत रहे हाजी अलीम खान को बुलंदशहर सदर से सीट से प्रत्याशी बरकरार रखा गया है। स्याना सीट पर भी कांग्रेस छोड़कर आए दिलनवाज खान को प्रत्याशी बनाया है।
उनके पिता मोहम्मद इम्तियाज खान कांग्रेस से चुनाव जीत चुके हैं। सिकंदराबाद सीट पर पहली बार हाजी इमरान पर दांव खेला गया है। अनूपशहर सीट पर बसपा ने मौजूदा विधायक चौधरी गजेंद्र सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। इस सीट पर जाट मतदाता सर्वाधिक है जबकि खुर्जा सीट पर पूर्व एआरटीओ अर्जुन सिंह पर दांव खेला गया है।
विकास नहीं, सपा भी देख रही जातिगत समीकरण
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बेशक विकास के मुद्दे पर जनता के बीच जाने की बात कह रहे हों, लेकिन टिकट वितरण में कहीं न कहीं जातिगत समीकरण देखा गया है। सपा ने भी जिले में तीन मुस्लिम चेहरों को अपना प्रत्याशी बनाया है। अनूपशहर से हिमायत अली, बुलंदशहर से शुजात आलम तो सिकंदराबाद से अब्दुल रब प्रत्याशी हैं।
स्याना-डिबाई पर लोध वोटों को देखते हुए लोध जाति से ताल्लुक रखने वाले चेहरों को उम्मीदवार क्रमश: राजीव लोधी व हरीश लोधी को बनाया गया है। दोनों सीटों पर लोध वोट निर्णायक है। इसके अलावा शिकारपुर में ब्राह्मण वोट सर्वाधिक होने के कारण यहां ब्राह्मण प्रत्याशी राकेश शर्मा को पार्टी ने मैदान में उतारा है।