संवाद न्यूज एजेंसी
लोनी। बेहटा हाजीपुर कॉलोनी से सात जुलाई को लापता हुए दिल्ली जल निगम के ठेकेदार सुमित (23) का शव सात दिन बाद 14 जुलाई को धौलाना के ककराना गांव स्थित बंबा नहर में मिला। 15 जुलाई को पोस्टमार्टम के बाद 16 जुलाई को परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया। 18 जुलाई को परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। वहीं, परिजनों ने रविवार को पुलिस अधिकारियों से मिलकर हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की बात कही है।
सुमित के चाचा प्रवीण ने बताया कि उनका भतीजा दिल्ली जल निगम में ठेकेदारी करते थे। सात जुलाई को वह अचानक लापता हुए तो परिजन ने काफी तलाश किया, लेकिन उनका पता नहीं चला तो सुमित की गुमशुदगी दर्ज कराई। प्रवीण ने बताया कि 14 जुलाई को बंबा नहर में एक गाय डूब गई थी तो लोग उसे निकालने का प्रयास कर रहे थे। उसी समय सुमित का शव वहां दिखाई दिया। शव सड़ा गला होने की वजह से पहचान पाना मुश्किल था, लेकिन शव के हाथ पर लिखा हुआ था। वह सुमित की मां का नाम था और उसी से शिनाख्त की गई। सूचना पर तुरंत पुलिस पहुंची और शव को मोर्चरी भिजवा दिया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों से शव का अंतिम संस्कार किया। वहीं, परिवार में कोहराम मचा हुआ है। करीब डेढ़ वर्ष पहले सुमित की शादी हुई थी और कुछ दिन पहले ही उनकी पत्नी ने बेटी को जन्म दिया है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एसीपी अंकुर विहार अमरदीप मौर्य ने बताया कि सुमित के शव पर चोट को कोई निशान नहीं मिला। शव सड़ी गली अवस्था में था। परिजनों ने तहरीर नहीं दी है। बिसरा सुरक्षित रखकर जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर मौत का सही कारण पता चल पाएगा।
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