बुलंदशहर। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए जिले के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं ब्लॉक स्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (बीपीएचयू) खोली जा रही हैं। जिले के तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। यहां 50 से 75 लाख रुपये की लागत से निर्माण कार्य हो रहा है। जबकि, आठ सीएचसी और तीन पीएचसी पर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। दो सीएचसी पर बीपीएचयू के निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। दो पीएचसी पर निर्माण के लिए जल्द ही शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। बीपीएचयू के निर्माण से सुविधाएं और बढ़ जाएंगी और रोगियों को जिला अस्पताल की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
15वें वित्त आयोग एवं प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित सीएचसी एवं ब्लॉक स्तरीय पीएचसी पर जांच और इलाज की सुविधाएं बढ़ाने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके लिए जिले की समस्त सीएचसी एवं पांच ब्लॉक पीएचसी पर यूनिट स्थापित होनी है। पहले चरण में पांच सीएचसी को चुना गया। इनमें अनूपशहर, जहांगीराबाद, स्याना, गुलावठी, बीबीनगर सीएचसी शामिल रही। इसके बाद दूसरे चरण में तीन सीएचसी एवं तीन ब्लॉक पीएचसी को चुना गया। इनमें वैर, धरपा, मालागढ़ ब्लॉक पीएचसी और अगौता, ऊंचागांव, शिकारपुर सीएचसी शामिल रही। इन सभी जगह निर्माण कार्य पूरा होने के बाद बीपीएचयू को संचालन शुरू कर दिया है।
अब तीसरे चरण में डिबाई, दानपुर और लखावटी को चुना गया। इसके बाद मुनी एवं पहासू सीएचसी पर निर्माण कार्य कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया। जबकि, तौली व कसेरकलां ब्लॉक पीएचसी पर निर्माण कार्य कराने को शासन ने अभी प्रस्ताव नहीं मांगा है। प्रत्येक जगह 10 मीटर लंबाई व 13 मीटर चौड़ाई जमीन मांगी गई है। एक सीएचसी पर करीब 50 लाख रुपये की लागत से निर्माण कार्य होगा। डिबाई, दानपुर और लखावटी सीएचसी पर 50 से 75 लाख रुपये प्रति बीपीएचयू का निर्माण हो रहा है।
ये मिलेंगी सुविधाएं
ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट में जांच, इलाज, टीकाकरण के साथ नियमित चलने वाले स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जानकारी होगी। इसके साथ ही बीमारियों के नियंत्रण व रोकथाम के उपायों की जानकारी मुहैया कराई जाएगी। इसमें अलग से स्टाफ तैनात किया जाएगा। इसके बाद मरीजों को निजी पैथालॉजी व जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
जिले की आठ सीएचसी एवं तीन ब्लॉक पीएचसी पर ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट बन गई हैं, तीन का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके बाद शेष सीएचसी एवं ब्लॉक पीएचसी पर भी ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट बनाई जाएंगी। - डॉ. सुनील कुमार दोहरे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी