अब काली नदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गंगा स्वच्छता अभियान का हिस्सा होगी। केंद्र सरकार ने जिला प्रशासन को काली नदी के सफाई के संबंध में डीपीआर बनाने को कहा है। अपर जिलाधिकारी ने काली नदी के गुजरने वाले क्षेत्रों के तहसील के उपजिलाधिकारियों को रिपोर्ट बनाने के लिए निर्देश दिए हैं।
सबसे पहले उन स्थानों को चिन्हित किया जाएगा, जहां-जहां से गंदा पानी काली नदी में प्रवाहित किया जाता है। काली नदी क्षेत्र में अतिक्रमण का लेखा-जोखा भी सरकारी मशीनरी को तैयार करना होगा। काली नदी में गंदे पानी का प्रवाह रोकने, अतिक्रमण हटाने और सफाई कराने में जितना रुपया खर्च होगा उसका उल्लेख डीपीआर में होगा।
सफाई की अवधि क्या होगी। कितने लोगों की जरुरत सफाई अभियान में होगी, ये विवरण भी डीपीआर में देना पड़ेगा। डीपीआर राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
इस संबंध में मंडलायुक्त ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं। बता दें कि बुलंदशहर की सीमा में काली नदी हापुड़ की सीमा से प्रवेश करती है और अगौता, गुलावठी, बुलंदशहर, पहासू, शिकारपुर और दानपुर से होकर अलीगढ़ की सीमा में पहुंचती है।