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Bulandshahar News: कालाबाजारी - 238 क्विंटल सरकारी चावल पकड़ा

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संवाद न्यूज एजेंसी
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बुलंदशहर। अब एक बार फिर से कालाबाजारी कर दिल्ली जा रहा 400 कट्टा सरकारी चावल पुलिस और आपूर्ति विभाग की टीम ने पकड़ा है। 15 दिन में तीसरी बार सरकारी चावल पकड़ा गया है। विभाग ने चार लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
प्रभारी डीएसओ के अनुसार 13 मार्च को पुलिस और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को सूचना मिली थी कि एक कैंटर के माध्यम से सरकारी राशन के 400 कट्टे दिल्ली में सप्लाई के लिए जा रहे हैं। अधिकारियों ने मामले में कार्रवाई करते हुए थाना ककोड़ क्षेत्र के खुर्जा-सिकंदराबाद रोड पर कैंटर को पकड़कर जांच कराई तो चालक कोई भी दस्तावेज मौके पर नहीं दिखा सका। जिसके चलते अधिकारियों ने सरकारी चावल से भरे कैंटर को ककोड़ पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पूछताछ पर चालक ने अपना नाम पातीराम निवासी अलीगढ़ के अतरौली क्षेत्र के गांव हरनौट मौजपुर बताया। यह चावल मै.सुहाना ट्रेडर्स खुर्जा-डांकर रोड स्थित गोदाम से लोड किया गया। इसका संचालन मै. अंकुर ट्रेडर्स के प्रोपराइटर नीटू सोलंकी उर्फ कौशलेंद्र सिंह है। इसमें असलम नाम का व्यक्ति भी सहयोगी है। बताया कि कैंटर में भरे सभी 400 कट्टों में 60-60 किलो चावल भरा था, जो सरकारी है। यह चावल 238.75 क्विंटल है।
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डीएम के निर्देश पर थाना ककोड़ में पूर्ति निरीक्षक प्रीति सिंह की तहरीर पर मै. अंकुर ट्रेडर्स ग्राम हसनपुर लड़ूकी और हाल निवासी खुर्जा नगर नीटू सोलंकी उर्फ कौशलेंद्र, मै. सुहाना ट्रेडर्स के प्रोपराइटर असलम, ट्रक चालक पीताराम और कैंटर के मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है। इन सभी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और धोखाधड़ी की धाराओं रिपोर्ट दर्ज की गई है। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि 13 मार्च को चावल से भरा ट्रक पकड़ा गया, लेकिन इस मामले को विभागीय अधिकारियों ने दबाए रखा। खुर्जा बना हुआ है राशन की कालाबाजारी का अड्डा ककोड़ क्षेत्र में सरकारी चावल से भरा कैंटर पकड़ा जाने के बाद यह साबित हो गया है कि राशन की कालाबजारी का अड्डा खुर्जा बना हुआ है। यह कैंटर भी खुर्जा से लोड किया गया था, जबकि इससे पहले भी खुर्जा से लोड किए गए सरकारी राशन से भरे ट्रक और यहां गोदाम से भी चावल पकड़ा जा चुका है। इसके अलावा जिले में सिकंदराबाद, अनूपशहर, शिकारपुर और स्याना क्षेत्र भी राशन की कालाबाजारी का मुख्य केंद्र बना हुआ है।
तीन महीने में पकड़ा गया 222 टन चावल
जिले में राशन माफिया किस कदर सक्रिय हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले तीन महीने में खुर्जा के राशन माफियाओं का 222 टन चावल अधिकारियों ने पकड़ा है। 25 दिसंबर 2022 को कालिंदीकुंज स्थित गोदाम से 600 क्विंटल, तीन मार्च 2023 को सिकंदराबाद के बिलसूरी में 720 क्विंटल और 14 मार्च को 700 क्विंटल सरकारी चावल पकड़ा जा चुका है। वहीं, अब 22 टन चावल पकड़ने का मामला सामने आया है। बता दें कि पिछले दिनों नगर के मोहल्ला गिरधारीनगर में राशन डीलर के यहां भी 131 क्विंटल सरकारी चावल की कालाबाजारी पकड़ी गई थी।
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गांव-गांव फेरी लगाकर 14 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा जाता है चावल
जिले में सरकारी राशन की कालाबाजारी से जुड़े लोग सक्रिय हैं। इससे जुड़े लोग एक चेन की तरह काम करते हैं। पहले जब भी राशन का वितरण होता है तो गांव-गांव फेरी लगाकर चावल को 14 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा जाता है। इसके बाद कालाबाजारी से जुड़े लोग जगह-जगह फेरी लगाने वालों से 18 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदते हैं। ये लोग फिर इस चावल को दिल्ली या फिर दूसरे जिलों व राज्यों में इस चावल को 22 से 25 रुपये किलो की दर से बेच देते हैं। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि इस पर रोक लगाने के लिए कई बार प्रयास किया गया। जब भी कालाबाजारी का कोई मामला पकड़ा जाता है तो उसमें आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का ही प्रावधान है।
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कोट-
ककोड़ क्षेत्र में पकड़े गए सरकारी चावल के मामले में चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है। राशन की कालाबाजारी करने वालों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जाएगा। ऐसे लोगों पर कार्रवाई जारी रहेगी - संदीप केला, प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी।
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