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जनपद में एक और मिला ब्लैक फंगस का मरीज

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ब्लैक फंगस - फोटो : ????? ????
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जनपद में एक और मिला ब्लैक फंगस का मरीज
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बुलंदशहर। नगर निवासी ब्लैक फंगस के संदिग्ध मरीज में 10 दिन बाद ब्लैक फंगस होने की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने की है। 10 दिन पूर्व नगर निवासी एक दवा व्यापारी में लक्षण होने पर निजी चिकित्सक को दिखाया था, जहां हालत गंभीर होने पर गाजियाबाद रेफर कर दिया था। जिसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को बृहस्पतिवार को प्राप्त हुई। जनपद में अब ब्लैक फंगस के आठ रोगी हो चुके हैं। इनमें दो की मौत हो चुकी हैं।
नगर क्षेत्र निवासी एक दवा व्यापारी कुछ दिन पूर्व कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए थे। कोरोना से तो ठीक हो गए लेकिन अन्य बीमारी होने से उनमें ब्लैक फंगस के लक्षण नजर आने लगे। परिजनों द्वारा ईएनटी को दिखाने के बाद अब गाजियाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिजनों के अनुसार, कोविड पॉजिटिव आने पर नगर के ही एक निजी कोविड अस्पताल में भर्ती रहे, यहां से पांच दिन बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया और कुछ दवाइयां दी गई। लेकिन घर आने के बाद स्वास्थ्य और बिगड़ता गया। सिर में दर्द और नाक में दर्द लगातार रहने पर ईएनटी को दिखाया। चिकित्सक ने जांच को कहा, जिसकी रिपोर्ट देखने के बाद ब्लैक फंगस के संभावित लक्षण बता रेफर कर दिया। फिलहाल गाजियाबाद के एक निजी अस्पताल में दवा व्यापारी का उपचार चल रहा है। जिसकी पुष्टि बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई।
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नहीं मिल रहा इंजेक्शन काट रहे चक्कर
दवा व्यापारी के भाई ने बताया कि चिकित्सक ने एंफोटेरेसिन बी इंजेक्शन लिखा है, जिसे लेने के लिए कई बार मंडलायुक्त, एडी हेल्थ और मेरठ मेडिकल कॉलेज के चक्कर लगा चुके हैं। लेकिन अभी तक एंफोटेरेसिन बी इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हो सका है।
जनपद में अब तक आठ लोगों में हुई पुष्टि, दो की हो चुकी है मौत
जनपद में अब तक एक महिला समेत आठ लोगों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हो चुकी है, जिसमें गुलावठी निवासी ब्लैक फंगस से पीड़ित दो युवकों की मौत हो चुकी है, जबकि, जिला अस्पताल से अब तक रेफर किए युवकों समेत पांच लोगों की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को अभी तक नहीं मिली है।
लक्षण दिखे तो न बरतें लापरवाही
वैर स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. सचिन भाटी ने बताया कि लंबे समय तक ऑक्सीजन पर रहे या अधिक स्टेयराड का प्रयोग करने वाले मरीजों में ब्लैक फंगस हो रहा है। कम इम्युनिटी और डायबिटीज वाले मरीज भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। इसके लक्षण दिखने पर लापरवाही न बरतें।
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जनपद में अभी तक आठ लोगों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है, जिसमें दो की मौत हो चुकी है। लक्षण मिलने पर मरीजों को मेरठ मेडिकल या अन्य जगह रेफर कर दिया जाता है, जहां से रिपोर्ट आने का इंतजार रहता है। साथ ही मरीजों से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।
- डॉ. रोहताश यादव, एसीएमओ/नोडल अधिकारी
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