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ब्लैक फंगस के मिले दो संदिग्ध मरीज, एक मेरठ, दूसरा अलीगढ़ रेफर

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ब्लैक फंगस के मिले दो संदिग्ध मरीज, एक मेरठ, दूसरा अलीगढ़ रेफर
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बुलंदशहर। एक तरफ जहां कोरोना संक्रमण का प्रकोप लोगों को सता रहा है। वहीं, दूसरी ओर जनपद में ब्लैक फंगस (म्यूकॉरमायकोसिस) के संदिग्ध मरीज मिलने शुरू हो गए हैं। जिला अस्पताल में दो संदिग्ध मरीजों के आने पर तीन सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम ने जांच की। बाद में उपचार के लिए एक को मेरठ तो दूसरे को अलीगढ़ रेफर कर दिया है। हालांकि, संदिग्ध मरीजों की जांच रिपोर्ट अभी नहीं मिली है।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में दो दिन पूर्व कोतवाली देहात और औरंगाबाद नगर क्षेत्र निवासी एक-एक व्यक्ति आंख से अचानक धुंधला दिखाई देने पर आए। दोनों मरीजों द्वारा जैसे ही इमरजेंसी में तैनात चिकित्सकों से की तो स्टाफ अलर्ट हो गया। इसकी सूचना अस्पताल प्रशासन को दी गई।
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ब्लैक फंगस के संदिग्ध मरीज की सूचना पर सीएमएस ने तीन सदस्यीय विशेषज्ञ की टीम (नेत्र चिकित्सक, ईएनटी और चर्म रोग विशेषज्ञ) को जांच के लिए भेजा। तीनों विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा दोनों मरीजों में संभावित ब्लैक फंगस की संभावना जता उच्च संस्थान को रेफर कर दिया। कोरोना को हराने के 14 से 15 दिन बाद ब्लैक फंगस के मामले सामने आ रहे हैं। हालांकि कुछ मरीजों में कोरोना पॉजिटिव होने के दौरान भी यह पाया गया है। यह बीमारी उन्हें होती है, जिनके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है।
मधुमेह के मरीजों को अधिक खतरा
एसीएमओ डॉ. रोहताश यादव ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव होने के बाद ठीक हो चुके शुगर के मरीजों को इस बीमारी से अधिक खतरा है। आंखों में लालपन या दर्द, बुखार, खांसी, सिरदर्द, सांस में तकलीफ, साफ-साफ दिखाई नहीं देना, उल्टी में खून आना या मानसिक स्थिति में बदलाव ब्लैक फंगस के लक्षण हो सकते हैं।
अधिक स्टेरॉयड के सेवन से हो रही बीमारी
अधिक स्टेरॉयड देने पर ब्लैक फंगस का खतरा बढ़ जाता है। आमतौर पर पांच से दस दिन तक ही स्टेरॉयड की जरूरत पड़ती है। इससे ज्यादा दिनों तक मरीज को ये दवाएं दी जाएं तो ब्लैक फंगस की आशंका काफी बढ़ जाती है। स्टेरॉयड दे रहे हैं तो मरीज की पूरी निगरानी करनी चाहिए।
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ब्लैक फंगस के लक्षण
- बुखार व तेज सिरदर्द, खांसी आना
- नाक से काले रंग का स्राव
- आंखों व नाक के आसपास दर्द
- आंखों से धुंधला दिखाई देना
- दांतों में ढीलापन महसूस होना, मसूढ़ों में तेज दर्द
- छाती में दर्द, सांस लेने में तकलीफ होना
अस्पताल में दो मरीज संभावित ब्लैक फंगस से ग्रसित होकर आए। जांच के बाद दोनों को हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया गया है। साथ ही इसकी सूचना जिला प्रशासन और उच्च अफसरों को दे दी गई है।
डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस जिला अस्पताल
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