बुलंदशहर। चकबंदी विभाग के ड्राफ्टमैन जितेंद्र पर किसानों से रिश्वत मांगने और मुकदमे फर्जी तरीके से समाप्त कराने का आरोप है। भाकियू महाशक्ति के पदाधिकारियों ने सोमवार को लखनऊ में प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने ड्राफ्टमैन जितेंद्र को निलंबित करते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
भाकियू महाशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि ड्राफ्टमैन जितेंद्र किसानों के मुकदमों में लगातार रिश्वत मांग रहा था। गांव मुकीमपुर निवासी इंद्र सिंह, बीबीनगर निवासी नरेंद्र सिंह और नीमखेड़ा निवासी रविंद्र जाटव समेत अन्य किसानों ने यह आरोप लगाए थे।
रविंद्र जाटव ने यह भी आरोप लगाया कि जितेंद्र के खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह कोर्ट में तारीख के दौरान भी कार्यालय में उपस्थित दर्शाते हुए फर्जी तरीके से वेतन ले रहा था।
बुलंदशहर में कार्रवाई न होने पर भाकियू महाशक्ति ने लखनऊ में धरना प्रदर्शन किया। बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी संजय कुमार दुबे ने जितेंद्र को रिश्वतखोरी और फर्जी हाजिरी लगाने के आरोपों में प्रथम दृष्ट्या दोषी पाया।
उन्हें निलंबित कर शिकारपुर चकबंदी अधिकारी कार्यालय से अटैच किया गया है। चकबंदी अधिकारी शिकारपुर को मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं।