बीएसए दफ्तर पर शनिवार को हंगामा करते भाकियू कार्यकर्ता।
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गांव लड़ाना के स्कूल में फर्जी नियुक्ति को लेकर ग्रामीणों के साथ भारतीय किसान यूनियन ने समर्थन देते हुए शनिवार को बीएसए कार्यालय पर ताला जड़ दिया। ग्रामीणों और भाकियू नेताओं ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी है कि नियुक्ति रद्द होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
भाकियू के प्रदेश सचिव मांगे राम त्यागी ने कहा कि गांव लड़ाना में फर्जी नियुक्ति कर प्रशासन ने अपनी मनमानी की है लेकिन भाकियू अब खुलकर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है। यदि जल्द ही प्रशासन और विभाग ने कोई उचित निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन और तेज हो जाएगा।
जिलाध्यक्ष कैप्टन बिशन सिंह ने कहा कि जल्द ही कोई निर्णय नहीं लिया तो जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना शुरू कर दिया जाएगा। इस दौरान ईश्वर शर्मा, सत्यप्रकाश शर्मा, राजकुमार सिंह, संजय गुर्जर, कौशल फौजी, रवि प्रधान, अनुज कुमार सिंह, बाबू सिंह मौजूद रहे।
डॉक्टरों की टीम ने किया परीक्षण
अवैध नियुक्ति के विरोध में बीएसए कार्यालय पर अनशन पर बैठे ग्रामीणों का डॉक्टरों की टीम ने मौके पर पहुंचकर परीक्षण किया। इस दौरान करीब 15 ग्रामीण और भाकियू नेताओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
एडी बेसिक मेरठ से जांच कराने की मांग
प्रबंधक सोरन लाल शर्मा ने डीएम को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच सहायक शिक्षा निदेशक (एडी बेसिक) मेरठ से कराने की मांग की है। बीएसए ने जांच नियुक्ति को वैद्य करार दे दिया है। मगर एसडीएम स्याना की जांच रिपोर्ट तथ्यों से परे एवं नियमों के विपरीत है।