अब सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी नहीं होगी। मरीजों की समस्याओं को देखते हुए शासन ने दवाओं का रिकार्ड ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था में दवाओं का स्टॉक खत्म होने से पहले संबंधित कंपनी को आर्डर भेज दिया जाएगा। जिला मुख्यालय से मानीटरिंग की जाएगी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की कमी होना आम बात है। दवाओं की कमी के कारण मरीजों को काफी परेशानी होती है। इस समस्या के समाधान के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है।
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य के द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब सभी सीएचसी और पीएचसी के दवाओं के रिकार्ड ऑनलाइन किए जाएंगे। हर दिन दवा का स्टॉक अपडेट किया जाएगा।
इससे जिला मुख्यालय पर मानीटरिंग कर रहे अधिकारियों को स्टॉक की जानकारी मिलती रहेगी और दवाएं खत्म होने से पहले ही संबंधित कंपनी में आर्डर भेज दिया जाएगा।
योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए प्रदेश स्तर पर करोड़ों रुपये का बजट जारी किया गया है। इसके लिए सी-डेक (सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग) नामक कंपनी के साथ करार किया गया है।