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Bulandshahar News: बीकेडीए में शामिल होंगे 124 गांव, सीमा विस्तार के लिए भेजा प्रस्ताव

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बीकेडीए में शामिल होंगे 124 गांव, सीमा विस्तार के लिए भेजा प्रस्ताव
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बुलंदशहर। बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण का जल्द दायरा बढ़ेगा। प्राधिकरण क्षेत्र में 124 गांवों को शामिल किया जाएगा। पिछली बोर्ड बैठक में इसे लेकर सहमति बन जाने पर प्राधिकरण द्वारा प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जिसे अब कैबिनेट की मंजूरी मिलने का इंतजार है। बीकेडीए ने अपने सीमा विस्तार में गुलावठी, अनूपशहर, छतारी और पहासू क्षेत्र के 124 गांवों को शामिल किया है। जिनके बीकेडीए में शामिल होने के बाद निर्माण कार्य और कॉलोनी निर्माण को लेकर नक्शा पास कराना होगा।
वर्तमान समय में बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण में 421 गांव शामिल है। इनमें 124 गांव जोड़ने के लिए प्राधिकरण द्वारा शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। जिनके शामिल होने के बाद बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में 545 गांव हो जाएंगे। विभागीय अफसरों के अनुसार 21 अगस्त 1987 को बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण का गठन किया गया था। उस समय जिले के 70 गांव बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण क्षेत्र में शामिल थे। इसके बाद 19 दिसंबर 1992 को सीमा का विस्तार कर बुलंदशहर के 26 गांव, खुर्जा के 19 गांव और सिकंदराबाद के 74 गांव मिलाकर कुल 119 गांव हो गए थे। इसके बाद 25 जून 1998 में सीमा विस्तार करते हुए अनूपशहर तहसील क्षेत्र के पांच राजस्व गांवों को शामिल किया गया। 12 नवंबर 2007 में ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के चलते बुलंदशहर और खुर्जा को अलग-अलग विकास प्राधिकरण कर दिया गया। इससे पूर्व 15 सितंबर 2006 में न्यू टाउनशिप क्षेत्र (बुलंदशहर-सिकंदराबाद-गुलावठी) चौबीसा घोषित करते हुए 39 राजस्व गांवों को सम्मलित कर चौबीसा का प्रशासनिक नियंत्रण उपाध्यक्ष में निहित किया गया। अब संबंधित गांव के साथ अन्य गांवों को बीकेडीए से जोड़ने का प्रस्ताव पास किया जा चुका है।
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वर्ष 2010 के बाद नहीं हुआ सीमा विस्तार
बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण क्षेत्र का आठ नवंबर 2010 को अंतिम सीमा विस्तार हुआ था। हालांकि इस दौरान बुलंदशहर के 47 गांव, गौतमबुद्धनगर के पांच राजस्व गांव और खुर्जा के चार गांव को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के लिए पृथक कर दिया गया था। इसके बाद बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण का सीमा विस्तार नहीं हुआ है। हालांकि वर्ष 2007 के बाद पिछले वर्ष 2022 में दोबारा बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण को एक करने का प्रस्ताव पास हो चुका है। इसके बाद सीमा विस्तार का प्रस्ताव पास कर शासन को भेजा गया।
मूलभूत सुविधाओं के साथ लैंड बैंक बढ़ेगा
बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण क्षेत्र में 124 गांव शामिल हो जाने पर संबंधित गांव में सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं बढ़ेगी। साथ ही बीकेडीए का लैंड बैंक भी बढ़ेगा। वहीं, संबंधित जगह नए निर्माण कार्य बीकेडीए से अनुमति लेने के बाद हो सकेंगे। साथ ही नई कॉलोनियां के लिए भी बीकेडीए से अनुमति लेनी होगी। अनाधिकृत कॉलोनी बनने पर ध्वस्तीकरण और अवैध निर्माण पर सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।
ये गांव होंगे शामिल
अनूपशहर तहसील क्षेत्र के तौली, तोरई बांगर, बच्चीखेड़ा, गंगावास बांगर, अचलपुर, दुगराऊ, अनीवास, डूंगरा जोगी, बिरौली व हिसावटी, गुलावठी क्षेत्र के मोहाना, गुलावठी, अकबरपुर, गिरधरपुर, समकौला, सैदपुर, रसूलपुर, एत्मादसराय, गिनौराशेख, ताजपुर, बराल, कैथाला, आसिफाबाद चंदपुरा, खुशहालपुर व लाडलावास आदि और छतारी-पहासू क्षेत्र के दीघी, बनैल, फतेहाबाद, पहासू देहात, जलालपुर, जिनवाई, सरभन्ना, नगलिया, त्योरबुजुर्ग, चंदेरू व रसूलपुर आदि गांव शामिल होंगे।
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बीकेडीए की पिछले वर्ष आयोजित हुई बोर्ड बैठक में प्राधिकरण को एक करने और सीमा विस्तार को लेकर मंजूरी मिल गई थी। इसके बाद बीकेडीए से जोड़ने के लिए 124 गांवों की सूची को एकीकृत कर प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा चुका है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद प्राधिकरण की सीमा का विस्तार हो जाएगा। - डॉ. अंकुर लाठर, बीडीए उपाध्यक्ष
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