‘बसपा और भाजपा दोनों एक ही सिक्के के पहलू है। विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियों का अंदरूनी गठबंधन है। भाजपा को जिताने के लिए बसपा ने मुसलमानों को टिकट दिए हैं। भाजपा-बसपा चुनाव के बाद गठबंधन के मंसूबे बना रही है। ’ वोट का यह गणित समझाते हुए कैबिनेट मंत्री आजम खां ने जेएसपीजी कॉलेज में हुई जनसभा में लोगों से सपा प्रत्याशी राहुल यादव के लिए समर्थन की अपील की।
आजम खान ने कहा कि जिन सीटों पर मुसलमानों मतदाताओं की संख्या अधिक होने के कारण सपा मजबूत स्थिति में है उन्हीं सीटों पर बसपा ने अपनी पार्टी से मुसलमान प्रत्याशी को टिकट दिया है। इससे वोट कटे और भाजपा को जीत मिले। उन्होंने कहा कि आज कुछ फासिस्ट ताकतें देश में प्रजातंत्र को खत्म करने के मंसूबे पाल रही है।
आरएसएस देश के संविधान को नहीं मानती और वह लोगों को हिंदू-मुसलमान में बांटकर देश के भाईचारे को खराब करने में लगी है। आरएसएस मुसलमानों से वोट का अधिकार छीनने की बात करती है। मुलायम सिंह ने आपके बच्चों के हाथ में कलम देने का काम किया है। जब-जब मुसलमानों पर संकट आया नेताजी ने आगे बढकर मुसमानों की मदद की।
प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि जो अपनी पत्नी का सम्मान नहीं कर सकता वही महिलाओं के सम्मान की बात करने का अधिकार नहीं रखता। प्रधान मंत्री ने झूठी लोकप्रियता हासिल करने के लिए अपनी बूढी मां को बैंक के बाहर लाइन में खड़ा कर दिया। मोदी जी कहते है वो फकीर है इस फकीर ने दो साल में 80 करोड़ के कपड़े पहने है।
देश के गरीब किसानों, मजदूरों की गाढी कमाई लूटने वाले को विजय माल्या को देश के बाहर भगा दिया। कोर्ट के माल्या को गिरफ्तार करने के आदेश के बाद भी उनकी सरकार ने माल्या कि गिरफ्तारी के लिए कोई कदम नहीं उठाया । मोदी जी जब सरकार में आए तो उन्होंने 100 दिनों में अच्छे दिन लाने का वादा किया था।
ढाई साल हो गए जनता आज तक अच्छे दिनों को तलाश रही है। उन्होंने कहा कि बसपा ने प्रदेश में मूर्तियां बनवाने का काम किया जबकि सपा ने नौजवानों को रोजगार, बेरोजगारों का रोजगार भत्ता, विधवा को विधवा पेशन, गरीबों को पेशन, छात्र-छात्राओं को लैपटॉप, गरीब बेटियों की पढाई, शादी के लिए कन्या विद्याधन देने का काम किया।
सभा की अध्यक्षता हाजी जहूर कुरैशी संचालन युसुफ पटेल ने किया। सभा में जिलाध्यक्ष अब्दुल रब, डॉ. मिक्की, रफीकुद्दीन पहलवान, अशरफ याकूब, नितिन भटनागर, बादल यादव, प्रत्याशी राहुल यादव, जितेंद्र यादव, फैसल शमशाद, बल्लू अंसारी, इस्लामुद्दीन आदि रहे।