बिटिया झुलसने के मामले में जिले के सबसे बड़े बिजली अधिकारी को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी। एमडी ने पूरे मामले में कार्रवाई करते हुए एसई का तबादला कर दिया है। उनके स्थान पर बिजनौर के एसई को जिले का चार्ज दिया गया है।
नगर के डीएम रोड स्थित झुग्गी पट्टी निवासी अख्तर की 12 वर्षीया बेटी चांदनी हाइटेंशन लाइन की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गई थी। डॉक्टरों को चांदनी का एक हाथ तक काटना पड़ा था। मामला समाचार पत्रों की सुर्खियां बनने के बाद अखिल भारतीय यादव महासभा के सचिव नितिन यादव ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की थी।
मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की जांच के निर्देश ऊर्जा सचिव संजय अग्रवाल को दिए थे। ऊर्जा सचिव संजय अग्रवाल के निर्देश पर एमडी पीवीवीएनएल ने विद्युत सुरक्षा निदेशालय को जांच सौंपी थी। जांच में बिजली अफसर बुरी तरह घिर गए थे।
अब पूरे मामले में जिले के सबसे बड़े बिजली अधिकारी पर गाज गिरी है। उन्हें बुलंदशहर सर्किल प्रथम के अधीक्षण अभियंता पद से हटाकर लोनी स्थानांतरित कर दिया गया है। एमडी की कार्रवाई से अन्य बिजली अफसरों में भी हड़कंप मच गया है।
एसई प्रथम एके चौधरी के स्थान पर बिजनौर के एसई एके सिंह को नियुक्त किया गया है। गौरतलब है कि एके सिंह इससे पहले बुलंदशहर डिवीजन के एक्सईएन भी रह चुके हैं।
अभी कई अफसरों पर गिरेगी गाज
एसई के खिलाफ हुई कार्रवाई से अन्य अफसरों में भी हड़कंप मचा है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद शहर के कई बड़े बिजली अफसरों पर गाज गिर सकती है। पूरा मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में पहुंचने के बाद अफसर सतर्क हो गए हैं।
एसई एके चौधरी का तबादला लोनी सर्किल में कर दिया गया है। बिटिया मामले में एसई की लापरवाही उजागर हुई है। इससे पहले भी उनके खिलाफ कई शिकायत चल रही थीं। - अभिषेेक प्रकाश, एमडी, पीवीवीएनएल