आचार संहिता लागू होने के बाद भले ही पालिका के कर्मचारी पूरे शहर से होर्डिंग्स-बैनरों को हटा रहे हैं लेकिन सियासी दफ्तरों पर पहुंचकर कार्रवाई धीमी पड़ जा रही है। शहर में अब भी राजनीतिक पार्टियों के कार्यालय बैनर-होर्डिंग्स से अटे पड़े हैं। इसके अलावा दफ्तरों के बाहर दीवारों पर पेंटिंग शोभा बढ़ा रही है।
प्रदेश में विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने के बाद आचार संहिता लागू होते ही होर्डिंग्स, बैनर, वॉलपेंटिंग, पोस्टरों पर पालिका-प्रशासन का डंडा चलना शुरू हो गया। शहर में करीब 4500 से ज्यादा होर्डिंग्स-बैनर हटवाए गए। सरकारी दफ्तरों में लगे सरकारी योजनाओं के होर्डिंग्स तक हटवा दिए गए।
लेकिन मजे की बात यह है कि सियासी दलों के दफ्तर अब भी होर्डिंग्स-बैनर से अटे पड़े हैं। पालिका-प्रशासनिक अफसर जानते हुए भी इन्हें हटवाने के लिए गंभीर नहीं है। यही कारण है कि सभी पार्टियों के दफ्तरों के बाहर होर्डिंग्स, बैनर, पोस्टर, वॉलपेंटिंग की भरमार है। पालिका अफसर इन्हें हटवाने के लिए अभियान चलाने की बात तो कर रहे हैं, लेकिन समय सुनिश्चित नहीं कर पा रहे हैं।
5838 होर्डिग्स-पोस्टर हटाए
निर्वाचन आयोग के निर्देश पर अभियान चलाकर 5838 होर्डिंग्स, बैनर, पोस्टर उतारवाए। बुलंदशहर, स्याना, अनूपशहर, खुर्जा, सिकंदराबाद, डिबाई और शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र में 5838 होर्डिग्स, बैनर और पोस्टर उतारे गए। 1299 वॉल पेटिंग पर स्याही पोती गई।
3445 पोस्टर, 854 बैनर, 240 अन्य प्रचार सामग्री को सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के भवनों से उतारा गया है। डिप्टी निर्वाचन अधिकारी अरविंद कुमार मिश्र ने बताया कि अब तक सातों विधानसभा क्षेत्रों में 5838 होर्डिंग्स, बैनर उतारे गए।
शहर में आचार संहिता का उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा। शहर में कहीं भी होर्डिंग्स-पोस्टर लगाए गए है तो संबंधित नेता और पार्टी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पालिका कर्मचारी अभियान चलाकर पार्टी दफ्तरों के बाहर लगे होर्डिंग्स-पोस्टर को हटाएंगे। सिर्फ पार्टी के दफ्तरों परिसर के अंदर ही होर्डिंग्स या पोस्टर लगाने की अनुमति है।
- एके सिंह, ईओ, नगर पालिका