भारतीय किसान यूनियन भानु गुट की मासिक पंचायत निरीक्षण भवन गेट पर हुई। इसकी अध्यक्षता गजेंद्र सिंह व संचालन राजेंद्र सिंह राघव ने किया। गुट ने मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत अलीगढ़ बस स्टैंड पर सांकेतिक जाम लगाया और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को दिया।
किसानों की आयोजित पंचायत में मध्यप्रदेश सरकार को बर्खास्त करने, मृतक किसानों के परिजनों को पांच-पांच करोड़ रूपए मुआवजा, एक-एक नौकरी दिए जाने, कृषि आयोग का गठन किए जाने, कृषकों को साठ साल आयु पूरी होने के बाद पांच हजार रूपए पेंशन प्रतिमाह दिए जाने, सभी किसानों का कर्जा माफ किए जाने और ग्रामसमाज की जमीन चिह्नित कराकर खाली जगह में गौशालाओं का निर्माण कराए जाने की मांग की गई।
मांगों के समर्थन में अलीगढ़ बस स्टैंड पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने जाम लगाया। कांती प्रसाद शर्मा, भवेंद्रसिंह, गुड्डू अंबा, धर्मवीर सिंह मीना, ओमपाल सिंह, पुष्पा देवी, सोहन पाल, हरनाम सिंह, राकेश शर्मा, खड़ग सिंह, राजेंद्र आदि रहे।
गन्ना भुगतान की मांग को लेकर प्रदर्शन
किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष डीपी सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने गन्ना भुगतान कराने व पेराई क्षमता बढ़ाने की मांग को लेकर चीनी मिल परिसर में धरना प्रदर्शन किया। उन्हाेंने प्रदेश सरकार पर किसानों के साथ वादा खिलाफी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार ने अपने घोषणा पत्र में सरकार बनने के तुरंत बाद ही गन्ना भुगतान करने का वादा किया था, लेकिन सरकार ने अभी तक किसानों को भुगतान नहीं किया।
इस मौके पर सैकड़ों किसानों ने प्रदर्शन करते हुए सरकार से तत्काल गन्ना भुगतान कराने व मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने की मांग की है। वहीं जिला उपाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह व जिला सचिव जगवीर सिंह ने सरकार द्वारा जल्द भुगतान न करने पर मिल प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। भगत सिंह, धर्मपाल, धर्मवीर, भूप सिंह, इंद्रजीत सिंह, हरेंद्र सिंह, राम बाबू, हरीओम सहित सैकड़ों किसान धरना प्रदर्शन में मौजूद रहे।
टिकैट यूनियन ने भी रखीं मांगे
भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने भी अपनी मांगों को लेकर अंबेडकर पार्क में पंचायत की तथा ज्ञापन दिया। इसमें वर्षा व ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को मुआवजा दिए जाने, रसोई गैस सिलेंडर निर्धारित सरकारी कीमत पर दिए जाने, एक किलोवाट से विद्युत कनेक्शन जो विभाग की गलती से दो किलोवाट के कर दिए थे, को पुन: एक किलोवाट के किए जाने आदि मांगें शामिल थीं।
तहसील अध्यक्ष संजू चौधरी के नेतृत्व में पंचायत की गई। इस दौरान काफी संख्या में भाकियू कार्यकर्ता रहे।