भट्टा-पारसौल आंदोलन के प्रदर्शनकारी किसानों ने सोमवार को भट्टा गांव में पंचायत की। किसानों ने उनके खिलाफ जारी वारंट का विरोध जताया। किसान मंगलवार को डीएम को ज्ञापन सौंपकर उनके ऊपर दर्ज केस वापस लेने की मांग करेंगे। किसानों ने पंचायत में निर्णय लिया कि उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस नहीं लिए गए तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
गौरतलब है कि वर्ष 2011 में जेपी एक्सप्रेस वे के विरोध में भट्टा-पारसौल आंदोलन हुआ था। आंदोलन में करीब 50 हजार से ज्यादा किसानों ने भाग लिया था। इस हिंसक आंदोलन में सैकड़ों प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए थे। मामले की जांच कर रही सीबीसीआईडी ने प्रदर्शनकारी किसानों को दोषी माना था।
सीबीसीआईडी की जांच रिपोर्ट में करीब 450 नामजद प्रदर्शनकारी और हजारों अज्ञात प्रदर्शनकारियों को दोषी माना गया है। सीबीसीआईडी की जांच रिपोर्ट के आधार पर पहले चरण में दनकौर थाना क्षेत्र के 40 प्रदर्शनकारियों को गौतमबुद्धनगर न्यायालय ने वारंट जारी कर दिया था।
इसके विरोध में सोमवार को भट्टा में किसानों ने पंचायत की। पंचायत में डिस्ट्रिक्ट बार के प्रेसिडेंट सुरेंद्र भाटी, काले सिंह, रोहताश सिंह, धर्म सिंह, त्रिलोक सिंह, भारत कुमार, गजे सिंह मौजूद रहे।
आज डीएम को देंगे ज्ञापन: मनवीर
किसान नेता मनवीर तेवतिया और देवरंजन नागर ने बताया कि मंगलवार को सभी किसान जिलाधिकारी को ज्ञापन देंगे। यदि किसानों पर दर्ज किए गए केस वापस नहीं लिए गए तो किसान आंदोलन करेंगे।