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Bulandshahar News: एसडीओ के खिलाफ भाकियू ने दिया धरना, जल्द शिकायत निस्तारण पर बनी सहमति

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बुगरासी। किसानों और उपभोक्ताओं के बिलों में अनियमितता तथा कथित रूप से एसडीओ के दुर्व्यवहार से परेशान लोगों ने भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के साथ बुगरासी बिजली घर पर विशाल धरना दिया। धरने की सूचना से पहले ही एसडीओ व अन्य अधिकारी रफूचक्कर हो गए। बिना ऊर्जा निगम के अधिकारियों की उपस्थिति में चल रहे धरने पर बैठे भाकियू ने सड़क जाम की चेतावनी दी जिसके बाद एसडीओ मौके पर पहुंचे। अतिशीघ्र उपभोक्ताओं की शिकायत के निस्तारण के आश्वासन पर धरना समाप्त किया गया।
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धरने की सूचना 24 घंटे पहले ही पावर कारपोरेशन के अधिकारी को दे दी गई थी। धरने की सूचना मिलने के बाद सोमवार को एसडीओ सहित लगभग सभी अधिकारी बिजली घर से नदारत रहे। भाकियू कार्यकर्ता बिजली घर पहुंचे तथा धरना देना शुरू कर दिया। किसी भी अधिकारी के नहीं होने से भाकियू कार्यकर्ता भड़क उठे और उन्होंने सड़क जाम करने की चेतावनी दे डाली। इस चेतावनी के बाद मौके पर पहुंचे एसडीओ प्रवीन कुमार से भाकियू पदाधिकारियों की जमकर नोकझोंक हुई। गुस्साए उपभोक्ताओं तथा भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने एसडीओ पर दुर्व्यवहार व भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
भाकियू के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने कहा कि किसानों और उपभोक्ताओं का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शोषण करने वाले अधिकारी स्वयं नहीं सुधरे तो भाकियू सबक सिखाएगी। इस दौरान कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रवीन कुमार वर्मा का व्यवहार बहुत गलत है। मौके पर उपस्थित तहसीलदार स्याना, नरसेना थानाध्यक्ष आदि ने किसानों को समझाकर शांत किया।
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भाकियू के गुस्से को भांपते हुए एसडीओ द्वारा जल्द ही समस्त समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन दिया गया। इसके बाद धरने को समाप्त किया गया। धरने में मांगेराम त्यागी, शैलेंद्र आर्य, शानू खान, राजवीर सिंह चौहान, डेविड त्यागी, मुदस्सिर अंसारी आदि मौजूद रहे।




एसडीओ खुद ही दिखाई दिए पीड़ित

बुगरासी। कथित रूप से ऊर्जा निगम के एसडीओ के दुर्व्यवहार व भ्रष्टाचार से परेशान उपभोक्ताओं ने भाकियू के सहयोग से धरना दिया। धरने पर पहुंचे एसडीओ की जब भाकियू पदाधिकारियों ने सुनी तो एसडीओ खुद ही पीड़ित नजर आए। एसडीओ ने कहा कि मैं खुद ही पीड़ित हूं। कोई भी अधीनस्थ मेरी नहीं सुनता है, जिसके चलते उपभोक्ताओं के बिलों सहित अन्य बातों को लेकर अनियमितता हो रही है। मैं सबको सम्मान देना चाहता हूं लेकिन अधिनस्थों के चलते मैं खुद ही परेशान रहता हूं। एसडीओ की परेशानी सुनकर भाकियू भी नरम पड़ गई। एसडीओ का साथ देने तथा परेशानी दूर करने का आश्वासन दिया।
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