भारतीय किसान यूनियन (हरपाल गुट) के कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर हाईवे 235 पर करीब आधा घंटे तक ट्रैफिक जाम किया। मौके पर पहुंची एसडीएम से किसानों की नोंक-झोंक हुई। बाद में भाकियू ने एसडीएम को प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ट्रैफिक जाम के कारण हाईवे पर कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना पर एसडीएम ऋतु पूनिया पहुंची। उन्होंने किसानों से जाम खत्म करने को कहा। वे नहीं माने तो एसडीएम व भाकियू नेताओं के बीच नाेंकझाेंक हुई।
पुलिस द्वारा मान-मनोव्वल करने पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने ट्रैफिक जाम खोल दिया। किसानों ने शहीद स्मारक पर पंचायत की जिसमें एसडीएम भी पहुंची। भाकियू के जिलाध्यक्ष प्रह्लाद सिंह एवं भाकियू नेता चौ. वीरपाल सिंह तेवतिया ने एसडीएम को मांगों से अवगत कराया।
प्रहलाद सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश में सभी किसानों के कर्जे माफ करने के अपने वायदे को पूरा नहीं किया है। उन्होंने मांग की कि सभी किसानों के कर्जे माफ किए जाएं।
भाकियू नेता का कहना था कि देश के 10 उद्योगपतियों पर बैंकों का छह लाख 73 हजार करोड़ रुपए का कर्ज बाकी है। जबकि देश के कुल किसानों का कर्जा केवल 5 लाख 70 हजार करोड़ है, जिसे सरकार माफ नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा कि जितनी सरकारी कर्मचारियों एवं सांसदों, मंत्रियों का वेतन बढ़ा है उसी अनुपात में किसानों की फसल का दाम भी बढ़ना चाहिए। एसडीएम ऋतु पूनिया ने कहा कि जो समस्याएं मेरे स्तर की हैं उनका निस्तारण करूंगी। जो शासन स्तर की हैं उन पर शासन ही निर्णय ले सकेगा।
पंचायत एवं ट्रैफिक जाम में सेंसरपाल, जसवंत सिंह, मनोज कुमार, बदरे आलम आदि रहे।