जिला अस्पताल में डीएम की सख्ती के बाद वर्षों बाद खुले बर्न विभाग की पोल अभी से खुलनी शुरू हो गई है। बर्न विभाग के कर्मचारी रात-रातभर गायब रहते हैं और मरीज तड़पते रहते हैं। मामला खुलते ही कर्मियों में हड़कंप मच गया है। सीएमओ ने डिप्टी सीएमओ को तीन दिन के भीतर जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
जिला अस्पताल में स्थित बर्न विभाग वर्षों से बंद पड़ा हुआ था। सभी संशाधन होने के बावजूद कमजोर इच्छाशक्ति के कारण बर्न विभाग का ताला नहीं खुल पा रहा था। जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान डीएम शुभ्रा सक्सेना बंद पड़े बर्न विभाग को देखकर बिफर पड़ी थी।
जिलाधिकारी ने तब 28 अप्रैल तक बर्न विभाग शुरू कराने के निर्देश दिए थे। डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने इधर-उधर से स्टाफ को मैनेज कर 28 अप्रैल को बर्न विभाग शुरू करा दिया। शनिवार रात सीएमओ के पास तीमारदारों के फोन पहुंचे कि बर्न विभाग में कोई स्टाफ मौजूद नहीं है।
सीएमओ ने अस्पताल के ही एक कर्मचारी को मौके पर भेजकर दिखवाया तो वास्तव में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। सीएमओ ने मामले की जांच डिप्टी सीएमओ डॉ. अशोक तालियान को सौंपते हुए तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि बर्न विभाग को खुले हुए अभी कुछ ही दिन बीते हैं और इस प्रकार की लापरवाही सामने आने लगी है।
सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने बताया कि तीमारदारों की शिकायत मिली थी कि बर्न विभाग में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं है। एक कर्मी को मौके पर भेजकर दिखाया गया तो मामला सही मिला। डिप्टी सीएमओ को जांच सौंपकर तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।