बुलंदशहर के लालगढ़ी गांव में आंबेडकर जयंती यात्रा को लेकर स्वर्ण और जाटव समाज आमने-सामने हैं। पिछले विवाद के चलते एक पक्ष यात्रा रोकने की मांग कर रहा है, जबकि दूसरा अनुमति के बावजूद यात्रा निकालने पर अड़ा है। प्रशासन समाधान में जुटा है।
बुलंदशहर जिले के छतारी क्षेत्र के लालगढ़ी गांव में 14 अप्रैल को निकाली जाने वाली आंबेडकर जयंती को लेकर तनाव बढ़ गया है। स्वर्ण समाज और जाटव समाज आमने-सामने आ गए हैं। स्वर्ण समाज ने यात्रा न निकालने की मांग को लेकर सीओ को शिकायत दी, जबकि जाटव समाज गांव में यात्रा निकालने पर अड़ा है।
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लालगढ़ी निवासी जितेंद्र ने बताया कि अक्तूबर 2025 में नवरात्र की नवमी तिथि पर मां काली की शोभायात्रा निकाली गई थी। जब यात्रा जाटव समाज के मोहल्ले में पहुंची तो वहां विवाद हो गया। विरोध करने पर मारपीट हुई, जिसमें पुलिस ने दोनों पक्षों पर रिपोर्ट दर्ज की। स्वर्ण समाज के लोगों पर एससी-एसटी एक्ट भी लगा और पीड़ितों को मुआवजा देना पड़ा।
इसी घटना के चलते ग्रामीणों में रोष है। सर्वसम्मति से 14 अप्रैल की आंबेडकर यात्रा गांव में न निकालने की मांग उठी। इस संबंध में शुक्रवार को सीओ डिबाई मधूप सिंह को ज्ञापन दिया गया। इसमें प्रधान पति नरेश शेखावत समेत कई लोग शामिल रहे।
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शनिवार को सीओ ने छतारी थाने में दोनों पक्षों के साथ बैठक की, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद मामला एसडीएम शिकारपुर के पास भेजा गया। एसडीएम ने दोनों पक्षों को सुनकर जल्द निर्णय का आश्वासन दिया।
दूसरी ओर, कांग्रेस के खुर्जा विधानसभा प्रभारी भजन लाल ने बताया कि करीब 30 वर्षों से बहुजन समाज आंबेडकर जयंती पर शोभायात्रा निकालता आ रहा है। इस बार भी अनुमति ली गई थी, लेकिन शनिवार को सीओ ने गांव में यात्रा न निकालने को कहा, जिस पर नाराजगी जताई गई।